‘Operation Wild Trap’ started in Betul: अब वन्यजीव शिकारियों की खैर नहीं

वन विभाग ने 2 महीने का विशेष अभियान चलाया


बैतूल। जिले में वन्यजीव संपदा की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने ‘ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप’ की शुरुआत कर दी है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव मध्य प्रदेश भोपाल के निर्देश पर और दक्षिण बैतूल वनमंडलाधिकारी विजयानन्त्म टी.आर. के मार्गदर्शन में यह विशेष अभियान 1 दिसंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक संचालित किया जाएगा।
इस अभियान के तहत वन विभाग की क्षेत्रीय इकाइयों के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात सघन गश्त और सर्चिंग कर रहे हैं। गश्त के दौरान फैंसिंग और कृषि क्षेत्रों में वन्यजीवों के शिकार के लिए लगाए गए फंदों और बिजली के तारों की सर्चिंग की जा रही है। यदि किसी वन्यप्राणी को फंदे में फंसा पाया जाता है तो निकटतम रेस्क्यू स्क्वाड की सहायता से उसे तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नोडल अधिकारी बनाए गए मुलताई के एसडीओ
इस अभियान की निगरानी के लिए उपवनमंडलाधिकारी मुलताई (सा.) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। गश्त के दौरान यदि किसी अपराधी का पता चलता है तो उनके खिलाफ विधिवत प्रकरण पंजीबद्ध कर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
संयुक्त गश्ती में शामिल है बिजली कंपनी
वन्यजीव विचरण वाले क्षेत्रों में बिजली की लाइनों के नीचे गश्ती के लिए वन विभाग ने बिजली कंपनी के साथ मिलकर अभियान चलाया है। यदि किसी क्षेत्र में शिकार के लिए बिजली के करंट वाले तार फैलाए जाने की सूचना मिलती है तो तत्काल जांच कर अपराधियों पर कार्रवाई की जा रही है।
अभियान पर वनमंडलाधिकारी की नजर
वनमंडलाधिकारी विजयानन्त्म टी.आर. प्रतिदिन इस अभियान की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में वन्यजीवों की सुरक्षा से समझौता न किया जाए। यह विशेष अभियान वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगलों में शांति बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम है। वन विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि वे अवैध शिकार जैसी गतिविधियों की सूचना तुरंत विभाग को दें।

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