हड़ताल के दूसरे दिन संविदा कर्मचारियों ने दिखाई सेवा भावना, राहगीरों को बांटा ओआरएस।

निष्कासन आदेशों के विरोध में फूटा कर्मचारियों का गुस्सा, की सद्बुद्धि प्रार्थना। एनएचएम कर्मचारियों के आंदोलन को मिला संगठनों का समर्थन।

बैतूल। नियमितीकरण सहित आठ सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन आंदोलन के दूसरे दिन 3 जून को कर्मचारियों ने जहां अपनी मांगों को लेकर शासन और विभागीय अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर की, वहीं सामाजिक दायित्व निभाते हुए भीषण गर्मी के बीच राहगीरों के लिए ओआरएस घोल एवं जलपान की व्यवस्था कर जनसेवा का संदेश दिया। कर्मचारियों का कहना है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े होने के नाते संघर्ष के बीच भी आमजन के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।

धरना स्थल पर मौजूद संविदा कर्मचारियों ने गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए राहगीरों, आम नागरिकों और आसपास से गुजरने वाले लोगों को ओआरएस घोल का वितरण किया। कर्मचारियों ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी होने के नाते समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी कार्यस्थल तक सीमित नहीं है। आंदोलन के दौरान भी जनहित और जनस्वास्थ्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कायम है। इस पहल को लोगों ने भी सराहा और कर्मचारियों की सेवा भावना की प्रशंसा की।

– अधिकारियों की सद्बुद्धि के लिए की प्रार्थना

आंदोलन के दौरान कर्मचारियों ने एनएचएम प्रशासन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी किए गए निष्कासन संबंधी आदेशों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। कर्मचारियों ने इन आदेशों को तानाशाहीपूर्ण बताते हुए कहा कि वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के बजाय दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। विरोध स्वरूप कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से अधिकारियों की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की और शांतिपूर्ण तरीके से अपना आक्रोश व्यक्त किया। कर्मचारियों का कहना है कि मांगों के समाधान के स्थान पर दबाव बनाने की कोशिशें आंदोलन को और मजबूत करने का काम करेंगी।

– मांगों के समर्थन में उतरे श्रमिक और शिक्षक संगठन

आंदोलन को विभिन्न कर्मचारी संगठनों का समर्थन भी मिलने लगा है। धरना स्थल पर भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री पंजाब गायकवाड़ एवं शिक्षक संघ के नरेश लहरपुरे पहुंचे। दोनों ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उनकी मांगों को न्यायोचित बताया और संघर्ष में पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवाएं दे रहे संविदा कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए तथा सरकार को इस दिशा में सकारात्मक पहल करनी चाहिए।

– मांगों के निराकरण तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमितीकरण, एनपीएस, स्वास्थ्य बीमा, वेतनवृद्धि, महंगाई भत्ता, वेतन विसंगति दूर करने सहित अन्य मांगों के निराकरण तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से शासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी कारण प्रदेशव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

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