काली पट्टी बांधकर काम कर रहे एनएचएम कर्मचारी, स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट के संकेत।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे कर्मचारी। नियमितीकरण समेत 8 मांगों को लेकर मैदान में उतरे 32 हजार संविदा कर्मचारी।

बैतूल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों का लंबे समय से चला आ रहा असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। प्रदेशभर के करीब 32 हजार एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के दूसरे दिन बैतूल में भी समस्त एनएचएम कर्मचारी काली पट्टी बांधकर कार्य करते रहे। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं।

– एक साल बाद भी घोषणा पर अमल नहीं

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश के जिलाध्यक्ष और जिला सचिव द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारी वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन में अहम भूमिका निभा रहे हैं। कर्मचारियों की मेहनत के आधार पर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और पुरस्कार भी मिले हैं, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है। संघ का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में 30 जनवरी 2026 को टीटी नगर दशहरा मैदान में कर्मचारियों की मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

– नियमितीकरण सहित 8 प्रमुख मांगें

संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, सामान्य प्रशासन विभाग की 2023 नीति के अनुसार एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि लागू करने और नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता देने की मांग उठाई है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के वेतन में पीबीआई समायोजित करने, वेतन विसंगतियों में सुधार, नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश सुविधा और समान कार्य-समान वेतन लागू होने तक सार्थक एप बंद करने की मांग भी शामिल है।

– आंदोलन का अगला चरण होगा और उग्र

संघ के अनुसार 25 से 27 मई तक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं। इसके बाद 28 और 29 मई को कलेक्टर, सीएमएचओ और बीएमओ को ज्ञापन सौंपा जाएगा। 30 मई से 1 जून तक सांसद, विधायक और मंत्रियों को ज्ञापन देकर अपनी पीड़ा बताई जाएगी। मांगें नहीं मानी गईं तो 2 जून से सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का बहिष्कार कर कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। वहीं 8 जून को प्रदेशभर के कर्मचारी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे।

– स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने कहा है कि यदि समयसीमा में मांगों का निराकरण नहीं हुआ और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से धैर्य बनाए हुए थे, लेकिन अब मजबूरी में आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

– लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण का आग्रह

भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध संविदा स्वास्थ्य संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविन्द प्रसाद साहू ने मुख्यमंत्री से संविदा कर्मचारियों की लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान होने से स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहेंगी तथा कर्मचारियों में कार्य के प्रति उत्साह बना रहेगा।

इस दौरान भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख विनय डोंगरे एवं जिलामंत्री पंजाब गायकवाड़ ने भी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए उनकी मांगों को जायज बताया। उन्होंने शासन से कर्मचारियों की समस्याओं का सकारात्मक समाधान करने की मांग की है।

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