मप्र में सरकारी बसें गायब, यात्रियों को निजी बसों के हवाले कर रही सरकार: गोलू सोनी

बैतूल। मध्य प्रदेश में जब से राज्य परिवहन निगम को बंद किया गया है, तब से प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। यह गंभीर आरोप कांग्रेस सेवा दल के ब्लॉक अध्यक्ष एवं वाहन खरीदी बिक्री विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष गोलू सोनी ने लगाते हुए प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
उन्होंने कहा मध्य प्रदेश में परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से निजी हाथों में समर्पित होती जा रही है। जबकि देश के अन्य राज्यों में आमजन की सुविधा के लिए सरकार की बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं, वहीं मध्य प्रदेश अकेला ऐसा प्रदेश बन गया है जहां परिवहन विभाग की खुद की बसें चलना तो दूर, कहीं दिखाई भी नहीं देतीं। गोलू सोनी ने कहा कि राज्य परिवहन निगम को जानबूझकर खत्म किया गया ताकि परिवहन का पूरा नियंत्रण चंद निजी बस संचालकों के हाथों में सौंपा जा सके। आज स्थिति यह है कि जहां ऑपरेटर को मुनाफा नहीं दिखता, वहां एक भी बस नहीं दौड़ती। इस कारण गांवों, पिछड़े इलाकों और गरीब यात्रियों के लिए यात्रा करना किसी सपने जैसा बन गया है।
उन्होंने आगे कहा कि निजी बस संचालक किराया भी तय सीमा से ज्यादा वसूल रहे हैं। किराया नियंत्रण नाम की कोई चीज अब नहीं बची। यात्रियों से खुलेआम लूट हो रही है और परिवहन विभाग मूकदर्शक बना बैठा है। सरकारी परिवहन की अनुपस्थिति में लोगों को न तो समय पर बस मिलती है, न ही किसी प्रकार की शिकायत सुनवाई। गोलू सोनी ने सरकार से सवाल किया कि जब हर राज्य में राज्य परिवहन की सरकारी बसें आम जनता को राहत दे रही हैं, तो मध्य प्रदेश में ऐसा कौन-सा मॉडल लागू है जिसमें जनता को केवल निजी बसों के भरोसे छोड़ दिया गया है यह जनता के अधिकारों का सीधा हनन है और मप्र की पूरी परिवहन व्यवस्था अब मुनाफाखोरों के कब्जे में है।उन्होंने मांग की कि हर जिले और ग्रामीण मार्गों पर सरकार की बसें शुरू की जाएं ताकि जनता को सस्ती, सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन सुविधा मिल सके।




