हजारों साल पुरानी विरासत मिलेट्स, मॉडर्न लाइफस्टाइल में फिर बने हेल्दी चॉइस

- डॉ. नवीन वागद्रे

भारत में छोटे दाने वाले पारंपरिक अनाज यानी मिलेट्स एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। हजारों वर्षों तक भारतीय थाली का अहम हिस्सा रहे मिलेट्स अब आधुनिक जीवनशैली में भी अपनी उपयोगिता साबित कर रहे हैं। बदलती खानपान की आदतों और बढ़ती जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच लोग फिर से प्राकृतिक और संतुलित आहार की ओर लौट रहे हैं, जिसमें मिलेट्स को खास महत्व दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मिलेट्स में पाए जाने वाले कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट, पर्याप्त फाइबर और जरूरी मिनरल्स इन्हें रोजमर्रा के आहार के लिए एक संतुलित विकल्प बनाते हैं। ये अनाज शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने के साथ पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाते हैं।
मिलेट्स संपूर्ण न्यूट्रिशन सिस्टम हैं। मिलेट्स शरीर को धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिससे थकान कम होती है और कार्यक्षमता बनी रहती है। डॉ. नवीन वागद्रे बताते हैं कि मिलेट्स का सेवन करने से शरीर में अचानक शुगर स्पाइक नहीं होता, जिससे यह मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए भी लाभकारी साबित होते हैं। साथ ही यह पाचन और मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट कर शरीर को अंदर से स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। इन्हीं गुणों के कारण आज मिलेट्स को फिर से भारतीय रसोई में सम्मानजनक स्थान मिल रहा है।

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