प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय डागा ने सत्ता पक्ष के काले चिट्ठे उजागर कर उधेड़ दी बखिया, फोड़ा ‘सिस्टम फेल’ का बम
दागे सवाल- 133 में से 102 डॉक्टर गायब… किसानों–मासूमों की मौत का जिम्मेदार कौन?


मक्का 12–15 रुपए किलो, किसानों पर कर्ज का पहाड़- एथेनॉल प्लांटों को फायदा दिलाने का आरोप
जिला अस्पताल की 2500 करोड़ की पचास एकड़ बेसकीमती जमीन को पीपीपी मोड के नाम पर कब्जाने की तैयारी जैसे सनसनीखेज आरोपों की लगी झड़ी
बैतूल। जिला कांग्रेस कार्यालय में गुरुवार, 4 दिसंबर को जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निलय डागा ने भाजपा शासन की नीतियों, अव्यवस्थाओं, स्वास्थ्य ढांचे की तबाही, किसानों की दुर्दशा, घोटालों पर चुप्पी और जनता के साथ किए गए वादों की पोल एक-एक कर खोलते हुए सत्ता पक्ष की बखिया उधेड़ दी।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के लिए 30 एकड़ जमीन ढूंढने में सरकार को दो साल लग गए, तो कॉलेज बनने में बीस साल लगना तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल की 2500 करोड़ की पचास एकड़ बेसकीमती जमीन को पीपीपी मोड के नाम पर कब्जाने की तैयारी की जा रही है, जबकि जिला अस्पताल अलग और मेडिकल कॉलेज अलग होना चाहिए।
– 133 डॉक्टरों के पद मंजूर 102 पद खाली
पत्रकार वार्ता में निलय डागा ने सबसे पहले स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति बताते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय में कुल 133 डॉक्टरों के पद मंजूर हैं, जिनमें से 102 पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा बताता है कि सरकार के हेल्थ मिशन का दम केवल कागजों में है। उन्होंने डॉ वंदना धाकड़ का मामला उठाते हुए कहा कि उनके खिलाफ रिश्वत की पांच शिकायतें दर्ज होने के बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ी और कार्रवाई शून्य है।
– छह महीनों से सोनोग्राफी मशीन बंद
उन्होंने मुलताई अस्पताल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पिछले छह महीनों से सोनोग्राफी मशीन बंद है. लेकिन शासन-प्रशासन केवल बयानबाजी में व्यस्त है। 21 अक्टूबर 2025 की भास्कर रिपोर्ट में यह तथ्य उजागर हो चुका है, फिर भी कार्रवाई का नाम नहीं।
उन्होंने कफ सिरप से बैतूल जिले के दो मासूम बच्चों की मौत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार इतनी बड़ी त्रासदी पर भी खामोश है। अगर जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर होती तो मासूम के परिजनों को पड़ोसी जिला छिंदवाड़ा नहीं जाना पड़ता। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि मौत की जिम्मेदारी किसकी है और कब तक लापरवाही से मासूमों की जान जाती रहेगी।
– एथेनॉल प्लांट सबसे ज़्यादा भाजपा नेताओं के
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सबसे ज्यादा एथेनॉल प्लांट भाजपा नेताओं के होने से किसानों को मक्का का रकबा बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि प्लांट मालिकों को लाभ मिले, जबकि मक्का बारह से पंद्रह रुपये किलो बिक रही है। रकबा बढ़ने का सबसे बड़ा नुकसान किसानों पर पड़ा। मक्का की एमएसपी पर खरीदी नहीं हो रही। किसान मजबूरी में मक्का की माला पहनकर विरोध कर रहे हैं। भावांतर योजना का लाभ नहीं मिल रहा। चिचोलाढाना के कालूराम पंद्राम ने 7.50 लाख रुपये के कर्ज से घिरकर जहर खा लिया। यह घटना बताती है कि किसान कर्ज, मौसम और सरकारी उदासीनता के बीच कैसे पिस रहा हैं। युरिया खाद की कालाबाजारी ने खेतों से उम्मीद का आधार भी कमजोर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि छह हजार की सम्मान निधि देकर सरकार किसान को खुश दिखाने की कोशिश कर रही है जबकि दस घंटे की बिजली आज भी नहीं दी जा रही। शिक्षक को बीएलओ बनाकर बच्चों के भविष्य को दांव पर लगा दिया गया और रिजल्ट खराब होगा तो जिम्मेदारी उन्हीं पर डाली जाएगी।
– सड़क की बार-बार हो रही हजामत
निलय डागा ने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के नए अविष्कार कर रही है। पहले सड़क बनाना, फिर तोड़ना, फिर नाली, फिर पेविंग ब्लॉक के नाम पर सड़क की बार-बार हजामत करना भाजपा शासन की पहचान बन गया है। व्हाइट टॉपिंग सड़क कमीशन का जीवन्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों के कामों के लिए क्लस्टर बनाकर रखा है। गंज में सड़क निर्माण के दौरान रेत के डंपर को बत्तीस हजार के बजाय छत्तीस हजार में भरने का खेल भी उजागर किया।
ओडीएफ और ओडीएफ प्लस में शौचालयों में ताले, खाली टंकियां और भ्रष्टाचार पर उन्होंने कहा कि सरकार स्वच्छता के नाम पर केवल अवार्ड लेने में व्यस्त है। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके के उस बयान पर भी तंज कसा जिसमें अंबानी के पिता का आयुष्मान में इलाज बताया गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा के राज में लगता है कि स्वर्ग में भी आयुष्मान की सुविधा उपलब्ध होने वाली है, क्योंकि भाजपा के लिए सब संभव है।
– बगैर मीटर के मनमाने बिल
बिजली की स्थिति पर बात करते हुए निलय डागा ने कहा कि सरकार सरप्लस बिजली का दावा करती है, लेकिन कटौती लगातार बढ़ती जा रही है। सरप्लस के दावे और कटौती की हकीकत एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। मोवाड़ के 25 घरों में डिफेक्टिव मीटर लगाकर मनमाने बिल थमा दिए गए। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनी जनता को राहत देने के बजाय बोझ डालने में जुटा है।
उन्होंने फोरलेन और टोल प्लाजा की स्थिति पर कहा कि भ्रष्टाचार और देरी इतनी अधिक है कि केंद्रीय मंत्री की फटकार भी केवल दिखावा बनकर रह गई। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार परिणाम देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
– वोट चोरी का आरोप पूरी तरह सही
उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी स्वीकार किया था कि महाराष्ट्र के लोग यहां आकर वोट डालते हैं। पिछले चुनाव में आमला क्षेत्र में एक हजार डुप्लीकेट वोट डाले गए थे, इसलिए राहुल गांधी द्वारा लगाया गया वोट चोरी का आरोप पूरी तरह सही है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलीभगत में है और कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू मुस्लिम की राजनीति करने वाली भाजपा ने आरएसएस के दिल्ली मुख्यालय की पार्किंग के लिए चौदह सौ साल पुराना मंदिर तक गिरा दिया, जो बताता है कि यह पार्टी खुद हिंदू विरोधी है।





