Common Service Center Establishment Day: सीएससी दिवस पर डिजिटल सेवाओं के सशक्तिकरण की दिखी झलक

बैंक मीटिंग भवन में आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों ने की सराहना 

केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं गांव-गांव पहुंचा रहे संचालक 

80 से अधिक संचालकों ने साझा किए अनुभव, उत्कृष्ट कार्य के लिए किया सम्मानित

बैतूल। देश के कोने-कोने में सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालकों के लिए बुधवार 16 जुलाई का दिन खास रहा। बैतूल में आयोजित सीएससी स्थापना दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यशाला में डिजिटल सेवाओं की ताकत और उसकी पहुंच का जीवंत चित्रण देखने को मिला। जहां एक ओर सरकार की योजनाओं की जानकारी साझा की गई, वहीं दूसरी ओर उत्कृष्ट कार्य करने वाले संचालकों का सम्मान कर उनका हौसला भी बढ़ाया गया।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मीटिंग भवन में एक भव्य जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सीएससी के जिला प्रबंधक कमलेश रघुवंशी और विशाल झपाटे ने अतिथियों को कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से दी जा रही जनहितैषी सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में बताया गया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाएं जैसे आधार केंद्र, बैंक कीओस्क, आयुष्मान भारत, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम किसान की ई-केवायसी, समग्र एवं लाड़ली बहना योजना की ई-केवायसी, टेली लॉ योजना, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं, बैंकिंग, बीमा सहित तमाम सेवाएं आज हर ग्राम और शहर के नागरिकों को आसानी से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सभी सेवाओं के संचालन में सीएससी की भूमिका को अहम बताया गया।

– सीएससी संचालक डिजिटल इंडिया के सच्चे सिपाही: नीता निगम

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुमारी नीता निगम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बैतूल रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सीएससी संचालक वास्तव में डिजिटल इंडिया के सच्चे सिपाही हैं जो सरकार की योजनाओं को अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीण अंचलों में संचालित सीएससी की कार्यप्रणाली की सराहना की और उत्कृष्ट कार्य कर रहे संचालकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में जिले के लगभग 80 सीएससी संचालकों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला के माध्यम से उन्हें नई योजनाओं की जानकारी दी गई और तकनीकी रूप से और सशक्त बनने की दिशा में प्रेरित किया गया। उपस्थित अतिथियों ने कहा कि सीएससी के माध्यम से डिजिटल सेवाओं का जो संजाल गांव-गांव फैलाया जा रहा है, वह आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एक मजबूत आधार बना रहा है। इस अवसर पर अतिथियों सहित संचालकों ने डिजिटल सेवाओं की उपयोगिता को लेकर अपने अनुभव साझा किए और आगे और बेहतर सेवा देने का संकल्प भी लिया।

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