PWD’s big mistake in the construction of Dohalan to Bihargaon road: शिलान्यास पत्थर से महिला जनप्रतिनिधि का नाम गायब
डोहलन से बिहरगांव सड़क निर्माण में पीडब्ल्यूडी की बड़ी चूक

जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े का नाम न लिखने पर समर्थकों में आक्रोश
बैतूल। मुलताई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत डोहलन से बिहरगांव मार्ग के निर्माण कार्य के भूमि पूजन के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने क्षेत्र की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके ने इस मार्ग के निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन किया। यह सड़क मध्य प्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बनाई जा रही है, जिसकी लंबाई 3.5 किलोमीटर और लागत 370.66 लाख रुपए बताई गई है।
लेकिन इस कार्यक्रम में एक गंभीर त्रुटि ने सबका ध्यान खींच लिया। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा लगाए गए शिलान्यास पत्थर में क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े का नाम ही नहीं लिखा गया। ग्रामीणों और समर्थकों का आरोप है कि विभाग के अधिकारियों ने जानबूझकर उनका नाम अंकित नहीं किया, जो एक महिला जनप्रतिनिधि का अपमान है, उस क्षेत्र की जनता के सम्मान से भी खिलवाड़ है, जिसने उन्हें चुनकर पंचायत में भेजा।
प्रोटोकॉल के अनुसार, किसी भी शासकीय निर्माण कार्य के भूमि पूजन या शिलान्यास में संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि का नाम पत्थर पर अंकित किया जाना अनिवार्य होता है। बावजूद इसके, इस नियम की खुलेआम अनदेखी की गई। जनता ने सवाल उठाया है कि जब देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री स्वयं महिलाओं के सम्मान और समान भागीदारी की बात करते हैं, तब विभागीय अधिकारी आखिर किसके निर्देश पर इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि महिला जनप्रतिनिधि का नाम हटाना पूरे क्षेत्र की भावनाओं का अपमान है। अब सवाल यह है कि क्या पीडब्ल्यूडी विभाग इस गलती को स्वीकार करेगा, और क्या जिला प्रशासन इस मामले की जांच करेगा या यह मामला भी अन्य विवादों की तरह समय के साथ दब जाएगा।




