Ignoring the rules in Nagar Parishad Chicholi: छह महीने से नहीं हुई चिचोली नगर परिषद की बैठक, विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप

पार्षदों की उपेक्षा से नाराज कांग्रेस ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
नगर परिषद चिचोली में नियमों की अनदेखी, अधिकारियों और अध्यक्ष की मनमानी
वार्डों की समस्याओं को नजरअंदाज कर हो रहे निजी हित के निर्माण कार्य
तहसीलदार चिचोली को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
बैतूल। नगर परिषद चिचोली में अधिकारियों और परिषद अध्यक्ष की मनमानी से नाराज ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजय आर्य, पूर्व विधायक ब्रह्म भलावी, वार्ड क्रमांक 15 की पार्षद नेहा रुपेश आर्य और पूर्व पार्षद रुपेश आर्य ने शुक्रवार को तहसीलदार चिचोली को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पार्षदों की उपेक्षा, नियमों के खिलाफ हो रहे निर्माण कार्य और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि नगर परिषद चिचोली में पिछले छह महीने से बैठक नहीं बुलाई गई है, जबकि नियमानुसार हर दो महीने में बैठक अनिवार्य है। इससे पार्षद अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को परिषद के सामने नहीं रख पा रहे हैं। आरोप लगाया गया कि परिषद की मनमानी के चलते सिर्फ उन्हीं कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनसे निजी लाभ हो सके।
वार्डों में नालियां टूटी होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। जय स्तंभ चौक से वीर दुर्गादास चौक तक बने डिवाइडर पर पुताई और रेडियम न होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। स्ट्रीट पोल की कटी हुई केबलें सड़क किनारे पड़ी हैं, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
ज्ञापन में बस स्टैंड और वार्ड क्रमांक 9 के तालाब के किनारे बन रही बाउंड्रीवाल पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी करते हुए लाल ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जबकि फ्लाई एश ईंटें लगाई जानी चाहिए थीं। पार्षदों ने इन कार्यों का भुगतान रोकने की मांग की है।
यह भी आरोप लगाया गया कि वार्ड क्रमांक 9 में करोड़ों रुपये खर्च कर निजी हित के लिए निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। यहां पर अध्यक्ष के परिवार के स्कूल और अन्य संस्थान हैं, इसलिए इस क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि अन्य वार्डों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। पार्षद नेहा रुपेश आर्य ने कलेक्टर से मांग की है कि नगर परिषद की कार्यशैली की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन भोपाल, आयुक्त नर्मदापुरम संभाग और जिला शहरी विकास अभिकरण बैतूल को भेजी गई है।




