टंकी निर्माण में सरकारी संसाधनों का उपयोग कर नियमों की अनदेखी।
पानी के लिए तरसे वार्डवासी, शिवसेना ने खोला मोर्चा । सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी।

बैतूल। गणेश वार्ड में निर्माणाधीन पानी टंकी को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। मामले में अब शिवसेना के प्रदेश सचिव विजेंद्र गोले खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि संबंधित ठेकेदार द्वारा सरकारी हेडपंप में मोटर डालकर पानी टंकी निर्माण में पानी का उपयोग करने के साथ ही कथित तौर पर अन्य निर्माण कार्यों के लिए भी इसी सरकारी जलस्रोत से पानी ले जाया गया। इसके चलते क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है और वार्डवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विजेंद्र गोले ने बताया कि जिस सरकारी हेडपंप से आसपास के लोग अपनी दैनिक जरूरतों के लिए पानी लेते थे, वहां से लगातार पानी निकाले जाने के कारण अब जलस्रोत लगभग सूखने की स्थिति में पहुंच गया है। उनका आरोप है कि निर्माण एजेंसी को अपने स्तर पर पानी की व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन सरकारी संसाधनों का उपयोग कर नियमों की अनदेखी की गई।
उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से भी की गई। गोले के अनुसार, इस संबंध में एसडीएम से चर्चा हुई, लेकिन उन्हें कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला। वहीं जिला कलेक्टर ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है।
नगरपालिका की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए गोले ने कहा कि मामले में सीएमओ से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका क्योंकि उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

शिवसेना प्रदेश सचिव ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार मोहल्ले में खुलेआम यह दावा कर रहा है कि उसने ऊपर से लेकर नीचे तक पैसा बांट रखा है और उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। हालांकि, इस कथित बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। गोले ने मांग की है कि प्रशासन इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाए।
उन्होंने कहा कि यदि सात दिनों के भीतर दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है तो वार्डवासी और शिवसेना लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञात हो कि इससे पूर्व भी गणेश वार्ड के नागरिकों द्वारा ठेकेदार पर सरकारी जलस्रोत के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा जा चुका है।




