मांगें नहीं मानीं तो आज से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल करेंगे कृषि विस्तार अधिकारी
ग्रेड-पे 2400 से 2800 और केंद्र भत्ता 500 से 5000 रुपए करने की मांग

बैतूल। ई-अटेंडेंस के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन के बाद अब कृषि विस्तार अधिकारियों ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मध्यप्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ जिला इकाई बैतूल ने कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर 11 अगस्त 2026 तक मांगों पर ठोस और सकारात्मक निर्णय लेने की मोहलत दी है। संघ ने दोटूक चेतावनी दी है कि तय समय तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रदेशभर के कृषि विस्तार अधिकारी अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर चले जाएंगे। अधिकारियों ने कहा है कि हड़ताल से किसान कल्याण वर्ष 2026 के लक्ष्यों के क्रियान्वयन में आने वाली किसी भी बाधा की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अध्यक्ष भूपेंद्र सूर्यवंशी के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में संघ ने सबसे प्रमुख मांग ई-एचआरएमएस प्रणाली में अनिवार्य ई-अटेंडेंस समाप्त करने की रखी है। अधिकारियों का कहना है कि कृषि विस्तार अधिकारियों का काम पूरी तरह मैदानी और भ्रमण आधारित है। उन्हें अधिकांश समय गांवों और किसानों के खेतों में रहकर योजनाओं का क्रियान्वयन करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय कार्यालय, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव होने के कारण मुख्यालय से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना व्यावहारिक नहीं है। संघ ने विशेष रूप से महिला अधिकारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया है।
– ग्रेड-पे 2800 और केंद्र भत्ता 5000 करने की मांग
अधिकारियों ने वेतन विसंगति और भत्तों में सुधार की मांग भी की है। संघ ने कृषि विस्तार अधिकारियों के तकनीकी दायित्व और कठिन मैदानी कार्य को देखते हुए ग्रेड-पे 2400 रुपए से बढ़ाकर 2800 रुपए करने की मांग की है। वहीं अतिरिक्त केंद्रों का प्रभार संभालने वाले अधिकारियों को वर्तमान में मिलने वाले 500 रुपए प्रतिमाह के अतिरिक्त केंद्र भत्ते को बढ़ाकर 5000 रुपए प्रतिमाह करने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि वर्तमान भत्ते अतिरिक्त कार्यभार और बढ़ती महंगाई के अनुपात में बेहद कम हैं।
– 3 अगस्त से चल रहा चरणबद्ध आंदोलन
अपनी मांगों को लेकर कृषि विस्तार अधिकारी 3 अगस्त से चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। ई-अटेंडेंस के विरोध में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन, ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार और विभागीय व्हाट्सएप ग्रुपों से दूरी बनाने के बाद अब आंदोलन निर्णायक चरण में पहुंच गया है। संघ का कहना है कि लगातार विरोध के बावजूद शासन स्तर से अब तक मांगों के समाधान के लिए ठोस पहल नहीं हुई है।
अध्यक्ष भूपेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि अधिकारी किसानों और शासन की कृषि योजनाओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी व्यावहारिक समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 11 अगस्त तक ई-अटेंडेंस से मुक्ति और वित्तीय मांगों पर आदेश जारी नहीं हुए तो अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।




