रील की दुनिया से बाहर निकलकर रियल लाइफ में जीना सीखें : सुधांशु जी महाराज।

हजारों विद्यार्थियों ने सुना सत्संग, सवाल-जवाब में मिला मार्गदर्शन । स्वास्थ्य, योग और दिनचर्या को बताया सफलता की कुंजी।

बैतूल। विराट भक्ति सत्संग महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार प्रातः सत्र में सुधांशु जी महाराज ने युवाओं और विद्यार्थियों को जीवन को सही दिशा देने वाले सूत्र दिए। पुलिस ग्राउंड में आयोजित सत्संग में बैतूल के मानसरोवर द स्कूल, आर.डी. पब्लिक स्कूल, सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल, विनायकम स्कूल और भारत भारती विद्यालय के हजारों विद्यार्थी शामिल हुए। महाराजश्री ने कहा कि रील की दुनिया से बाहर निकलकर रियल लाइफ में जीना सीखें, क्योंकि वास्तविक जीवन ही सफलता की असली जमीन है।

– समय और अनुशासन पर दिया जोर

महाराजश्री ने कहा कि वक्त के पास इतना वक्त नहीं कि वह दोबारा मौका दे सके, इसलिए समय का सदुपयोग ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने छात्रों को जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डालने की सलाह दी और कहा कि अच्छी नींद और अनुशासन सफलता की पहली शर्त है। उन्होंने पढ़ाई के लिए रजिस्टर, स्टोर और रिकॉल का सूत्र बताते हुए कहा कि जो पढ़ा है उसे दोहराना जरूरी है।

– स्वास्थ्य, योग और जीवनशैली पर मार्गदर्शन

प्रवचन में उन्होंने स्वास्थ्य को ही असली सौंदर्य बताते हुए कहा कि बीमार व्यक्ति सुंदर नहीं दिख सकता। जीवन को बेहतर बनाने के लिए कार्डिक एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग और योगासन को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गहरी सांसें जीवन को लंबा और स्वस्थ बनाती हैं। साथ ही मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर मानसिक शांति बनाए रखने की बात कही।

– युवा अवस्था सपनों को पूरा करने का समय

महाराजश्री ने कहा कि युवा अवस्था सपनों को पूरा करने का समय है, इसलिए आकर्षण और भटकाव से दूर रहना जरूरी है। उन्होंने छात्रों को ड्रीम बुक बनाने और अपनी बाधाओं को पहचानकर उन्हें दूर करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इतनी मेहनत करें कि सफलता खुद शोर मचा दे और जिंदगी को बहादुरी से जिएं।

– भक्ति और संस्कारों से गूंजा पंडाल

सत्संग के दौरान जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीस तिहुं लोक उजागर के जयकारों से पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। इटारसी से आए वरिष्ठ भागवत कथावाचक पंडित रामेश्वर प्रसाद शर्मा ने पूज्य गुरुदेव का स्वागत और अभिनंदन किया। विद्यार्थियों ने जीवन निर्माण से जुड़े सवाल पूछे, जिनका महाराजश्री ने सरल और प्रभावी उत्तर देकर उन्हें संतुष्ट किया।

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