आस्था: रॉड शरीर के आर पार होने के बाद भी बेटे की जान बची तो गुड़ से तुलादान का वचन निभाया, परिजनों ने श्री माता मंदिर में गुड़ से किया तुलादान

शंकर नगर के श्री माता मंदिर में पहली बार हुआ तुलादान, सैकड़ों लोग बने साक्षी
बैतूल। शंकर नगर स्थित प्राचीन श्री माता मंदिर में रविवार को वामन राव चंद्रभान दवंडे का तुलादान किया गया। यह मंदिर के इतिहास का पहला अवसर था जब किसी भक्त ने तुलादान की परंपरा निभाई। वामन राव मूल रूप से मुलताई तहसील के ग्राम सोनखेड़ी गांव के रहने वाले हैं और कुछ समय पूर्व एक गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गए थे। वे दो मंजिला इमारत से नीचे गिर पड़े थे, और गिरने के दौरान एक लोहे की रॉड उनके शरीर में आर-पार घुस गई थी।
इस दुर्घटना के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को अत्यंत गंभीर बताया था और बचने की संभावना बहुत कम थी। ऐसे कठिन समय में वामन राव के माता-पिता ने प्राचीन श्री माता मंदिर में आकर माता रानी से प्रार्थना की थी कि यदि उनका बेटा सुरक्षित बच गया, तो वे गुड़ से तुलादान करेंगे।
माता रानी की कृपा से वामन राव की जान बच गई और स्वस्थ होकर वे पूरी तरह सामान्य जीवन जीने लगे। इसके बाद महानवमी और रामनवमी के महापर्व के पावन अवसर पर संकल्प को पूर्ण करते हुए परिवारजनों ने माता रानी के दरबार में वामन राव का गुड़ से तुलादान किया।
इस पुण्य कार्य में दवंडे परिवार के साथ-साथ समाज के सैकड़ों लोग भी शामिल हुए और माता रानी के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। सोनखेड़ी से विशेष रूप से आए परिवार ने बताया कि यह माता का चमत्कार ही है कि उनका बेटा आज जीवित है और उन्होंने जो मन्नत मांगी थी, उसे आज पूर्ण कर लिया है। मंदिर समिति के सदस्यों और उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनकर आस्था का अनुभव किया।




