Fake Seeds : फल्लीदाना का बीज बोवनी के एक माह बाद भी अंकुरित नहीं हुआ 

किसानों ने जनसुनवाई में पहुंचकर की शिकायत, कलेक्टर ने जांच कर कार्रवाई करने के दिए निर्देश

Fake Seeds : बैतूल। घोड़ाडोंगरी तहसील अंतर्गत ग्राम शक्तिगढ़, गोपीनाथपुर, लोनिया, सालीवाडा के एक दर्जन से अधिक किसानों ने जनसुनवाई में पहुंचकर नकली बीज विक्रय करने की शिकायत की है। शिकायतकर्ता किसान नरेन हलदार ने बताया कि उन्होंने लगभग एक माह पहले 90 किलो फल्लीदाना बीज लिया था, लेकिन बोवनी के बाद बीज अंकुरित ही नहीं हुआ। इसके कारण काफी नुकसान हुआ है। अन्य किसानों ने बताया कि बादलपुर निवासी विरेन्द्र सिंह की दुकान से उन्होंने बीज खरीदा था। बीज देते समय दुकानदार ने उन्हें कहा था कि बीज बहुत ही अच्छे हैं, लेकिन एक कंपनी का बीज अंकुरित ही नहीं हुआ।

सभी किसानों को दुकानदार द्वारा नकली बीज थमा दिया गया। इस मामले में कलेक्टर ने जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। किसानों ने कलेक्टर से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। शिकायत करने वालों में किसान नरेन हलदार, हेमंत पाल, भरत चौहान, परशु चौहान, दालू चौहान, विशाल चौहान, बाला चौहान, रमेश चौहान, राजू काजले, सोनीराम चौहान, शेरसिंह कासदे, नवल चौहान, बिहारी मवासे, लिखीराम कासदे, भैयालाल मवासे, संतोष, रमेश उइके आदि शामिल है।

शिकायतकर्ता किसान नरेन हलदार ने बताया कि 90 किलो फल्ली दाना का बीजा नगद 147 रु प्रति कि.ग्रा. की दर से क्रय किया था। बोवनी के 20 दिन बाद भी एक भी बीजा अंकुरित नही हुआ। इस मामले में दुकानदार का कहना है कि उसने बोवनी के लिए नहीं बल्कि खाने के उपयोग के लिए फल्ली दाना दिया था। अब किसान का कहना है कि मैं गरीब किसान एक साथ 10 किलो फल्लीदाना खाने के लिये कैसे खरीद सकता हूं।

सैंपल की रिपोर्ट आने तक दुकान से बिक जाता है नकली बीज:

गौरतलब हैं कि खाद बीज को लेकर समय-समय पर कृषि विभाग अधिकारियों द्वारा खाद बीज के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाते हैं लेकिन तब तक डीलर नकली बीज किसानों को बेच देते हैं। इसके बाद सैंपल की रिपोर्ट आने पर और बीज नकली निकलने की पुष्टि होने पर कृषि विभाग द्वारा केवल दुकानदार पर ही जुर्माना लगाया जाता है लेकिन इससे किसानों को कोई लाभ नहीं मिल पाता है। वहीं किसान को नकली बीज मिलने पर उसका मुआवजा भी नहीं दिया जाता है।

कंपनी पर लगे जुर्माना:

पीड़ित किसानों का कहना है कि वह अपनी फसल को लेकर चिंतित हैं। व्यापारी उनकी एक नहीं सुन रहा है।  उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इसकी जांच की मांग की है। अगर बीज गलत पाया जाता है तो संबंधित निर्माता कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही नुकसान का मुआवजा देने की भी मांग की है।

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