District Jail news:अब जेल बनेगा क्लासरूम, अनपढ़ कैदियों को दी जाएगी शिक्षा

कलेक्टर ने जिला जेल के असाक्षर बंदियों को साक्षर करने का उठाया बीड़ा

बैतूल। जेल का नाम सुनते ही हर व्यक्ति के जेहन में सबसे पहले दुर्दांत अपराधियों की तस्वीर सामने आती हैं, लेकिन बैतूल के जिला जेल में अब विचाराधीन बंदियों को साक्षरता कार्यक्रम से जोड़ने की पहल की जा रही है। राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल के आदेशानुसार एवं कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के दिशा निर्देशन में एवं जिला परियोजना समन्वयक संजीव श्रीवास्वत के मार्गदर्शन में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत जिला जेल के लगभग 70 बंदियों को साक्षरता कार्यक्रम से जोडने के लिए जिला जेल अधीक्षक बैतूल द्वारा जिला जेल में संक्षिप्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला परियोजना समन्वयक संजीव श्रीवास्तव द्वारा साक्षरता को प्रोत्साहित करते हुये अपने संबोधन में नई शिक्षा नीति 2020 के अध्याय 21 में सब के लिये शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जिला जेल के असाक्षर बंदियों को साक्षर करने की एक अभिनव पहल की। बीआरसीसी एन.एल. आठोले द्वारा अपने संबोधन में कहा कि पठन पाठन एवं लेखन पद्धति को नियमित रूप से अपने जीवन में लाने पर स्वयं एवं परिवार का जीवन स्तर में सुधार होता है। जेल अधीक्षक योगेन्द्र तिवारी द्वारा बताया गया कि प्राचीन काल में जब से मानव सभ्यता आई है तब से ही शिक्षा एवं गुरू का विशेष महत्व रहा है। इसी तारतम्य में जिला एवं विकासखण्ड बैतूल कार्यालय की टीम द्वारा लगभग 70 बंदियों के लिए स्लेट, कलम, बुनियादी पहाड़ा चार्ट अक्षर पोथी, ग्रीनबोर्ड एवं मार्कर पेन का वितरण किया गया है। इस अभिनव पहल में अधिकारियों के मार्गदर्शन में जिले से जिला सह-समन्वयक श्याम कुमार नामदेव तथा विकासखण्ड से विकासखण्ड सह-समन्वयक श्रीमती निलिमा शर्मा एवं संकुल सह-समन्वयक नेमीचंद मालवीय एवं जिला जेल के गुरूजी श्री लोधी की विशेष भूमिका रही।

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