चुनाव खत्म, महंगाई शुरू, गैस सिलेंडर की आग में झुलसी आम जनता: डागा।
किसके सिर मढ़ा जाएगा ये चुनावी बिल? तीन महीनों में 81% उछाल, रसोई से थाली तक बढ़ी महंगाई की लपटें।

बैतूल। चुनाव के बाद महंगाई की गर्मी अब सीधे जनता की रसोई में महसूस होने लगी है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में एक ही दिन में 993 की भारी बढ़ोतरी ने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है, आम आदमी की थाली तक इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। इस मुद्दे पर बैतूल जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निलय डागा ने सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए इसे चुनावी बिल करार दिया है। उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव खत्म होते ही जनता को राहत देने के बजाय सरकार ने महंगाई का ऐसा झटका दिया है, जो सीधे जीवन यापन पर प्रहार करता है।
फरवरी से अब तक कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 1,380 की बढ़ोतरी हो चुकी है, जो महज तीन महीनों में 81 प्रतिशत का उछाल दर्शाती है। यह बढ़ोतरी सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, इसका असर हर उस व्यक्ति पर पड़ रहा है, जो रोजमर्रा के खाने-पीने के व्यवसाय से जुड़ा है। चायवाले से लेकर ढाबा संचालक, होटल व्यवसायी, बेकरी संचालक और हलवाई सभी के खर्च में अचानक आई इस तेजी ने उनकी आर्थिक गणित बिगाड़ दी है।
निलय डागा ने कहा कि चुनाव के दौरान महंगाई पर चुप्पी साधे रखने वाली सरकार अब खुलकर जनता पर बोझ डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बढ़ोतरी योजनाबद्ध तरीके से चुनाव के बाद की गई, ताकि वोटिंग पर असर न पड़े। उनके अनुसार, यह राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें जनता को पहले राहत का भ्रम दिया गया और बाद में उसकी कीमत वसूली जा रही है।
– आम आदमी की थाली तक पहुंचेगा असर
कमर्शियल गैस की कीमतों में इस उछाल का सीधा असर अब आम आदमी की थाली पर पड़ने वाला है। होटल और ढाबों में खाने की कीमतें बढ़ेंगी, चाय की कीमत में इजाफा होगा, मिठाइयों और बेकरी उत्पाद महंगे होंगे। यानी जो खर्च पहले व्यवसायी उठा रहे थे, अब वह धीरे-धीरे उपभोक्ताओं की जेब से निकलेगा। निलय डागा ने चेतावनी दी कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में महंगाई और विकराल रूप ले सकती है।
– आने वाले संकट की आहट
निलय डागा ने यह भी आशंका जताई कि गैस के बाद अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की तैयारी है। उनका कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो परिवहन लागत बढ़ेगी और हर वस्तु की कीमत पर उसका असर पड़ेगा। उन्होंने इसे दोहरी मार बताते हुए कहा कि सरकार की नीतियां आम जनता को लगातार आर्थिक संकट की ओर धकेल रही हैं।
– जनता के साथ विश्वासघात का आरोप
अपने बयान के अंत में निलय डागा ने साफ शब्दों में कहा कि यह फैसला जनता के साथ सीधा विश्वासघात है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत इस बढ़ोतरी को वापस ले और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते राहत नहीं दी गई, तो इसका व्यापक विरोध होगा और जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।




