जांच नहीं होने से गर्भवती महिला का उपचार तीन दिन तक अटका।

लैब कर्मचारी पर अभद्र व्यवहार और तानाशाही का आरोप। बीएमओ से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई। सीएमएचओ, कलेक्टर और स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंची शिकायत।

फोटो  शिकायतकर्ता शैलेन्द्र सोलंकी

बैतूल। आठनेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लैब कर्मचारी पर मरीज और परिजनों से अभद्र व्यवहार करने तथा समय पर जांच नहीं करने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर पुसली निवासी शिकायतकर्ता शैलेन्द्र सोलंकी ने मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बैतूल को लिखित शिकायत प्रेषित कर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में बताया गया कि 7 मई को ओपीडी पर्ची क्रमांक 12149 पर डॉक्टर द्वारा कुछ जांचें लिखी गई थीं, लेकिन जांच नहीं हो सकी। इसके बाद 8 मई को डॉक्टर ने पुनः सीबीसी और एएनसी प्रोफाइल सहित अन्य जांचें लिखकर शासकीय लैब आठनेर में कराने की सलाह दी। आरोप है कि लैब कर्मचारी जितेंद्र फाटे ने मरीज और परिजनों को काफी देर तक गुमराह किया और एक दिन बाद आने को कहा।

आवेदन में कहा गया है कि बार-बार निवेदन करने के बावजूद लैब कर्मचारी ने अभद्र व्यवहार किया और डॉक्टर की लिखी जांचों को दरकिनार कर दिया। इससे मरीज को लगातार तीन दिनों तक उपचार नहीं मिल पाया और उसे गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा। शासकीय सुविधा नहीं मिलने पर मरीज को मजबूरी में निजी उपचार केंद्र में इलाज कराने की स्थिति बनी।

शिकायतकर्ता शैलेन्द्र सोलंकी ने आरोप लगाया कि 8 मई को बीएमओ आठनेर से मौखिक शिकायत करने के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आवेदन में कहा गया है कि एएनसी अवधि में मरीज को भविष्य में कोई परेशानी होती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित लैब कर्मचारी की होगी।

मामले की प्रतिलिपि कलेक्टर बैतूल, मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल तथा प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री को भी भेजी गई है। शिकायत में संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई करते हुए मरीज को तत्काल उपचार सुविधा उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों के व्यवहार में सुधार की मांग की गई है।

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