मुलताई में साधकों से मिले देवकीनंदन ठाकुर, बोले- धर्म जागरण में बापूजी का योगदान अविस्मरणीय।

बैतूल। मुलताई में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रसिद्ध भागवत कथाकार, शांतिदूत देवकीनंदन ठाकुर ने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में संत श्री आशारामजी बापू के योगदान को उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि उन्होंने अधर्म के विरुद्ध धर्म का जितना प्रचार किया, उतना कोई नहीं कर सकता। उन्होंने विश्वास जताया कि सत्य की जीत होगी और पूज्य बापूजी शीघ्र बाहर आएंगे।
मां ताप्ती की नगरी मुलताई में 6 जून से 12 जून तक मेला ग्राउंड में प्रतिदिन दोपहर साढ़े तीन बजे से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान मंगलवार को श्री योग वेदांत सेवा समिति बैतूल एवं मुलताई के दर्जनों साधकों ने प्रसिद्ध भागवत कथाकार एवं शांतिदूत देवकीनंदन ठाकुर से उनके अस्थायी निवास पर सौजन्य भेंट की। समिति के संरक्षक राजेश मदान ने बताया कि कथा में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
इस दौरान साधकों ने देवकीनंदन ठाकुर का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया तथा उन्हें पूज्य बापूजी की तस्वीर एवं सत्साहित्य भी भेंट किया। मुलाकात के दौरान समिति संरक्षक राजेश मदान ने पूज्य बापूजी से जुड़े न्यायालयीन प्रकरणों की जानकारी देते हुए विस्तृत चर्चा की। इस पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि उन्होंने अपनी कथाओं में पूज्य बापूजी के समर्थन में निर्भीक होकर आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि सनातन हिंदू धर्म और संस्कृति के लिए पूज्य बापूजी ने जो कार्य किए हैं, उनका एक प्रतिशत भी मैं नहीं कर पाया हूं।
देवकीनंदन ठाकुर ने साधकों से गुरु द्वारा प्रदत्त गुरुमंत्र का खूब श्रद्धापूर्वक जप करने का आह्वान करते हुए कहा कि सत्संग से गुरु के प्रति भक्ति और श्रद्धा प्रबल होती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से प्रतिदिन कथा में पहुंचकर सत्संग का लाभ लेने की अपील भी की।
इस अवसर पर समिति संरक्षक राजेश मदान, शैलेन्द्र रघुवंशी, बंसीलाल सोनी, सुजल टुटेजा, दूर्वा टुटेजा, मुलताई आश्रम संचालक अजय नथानी, दिनेश बाथरे, चिरोंजीलाल पठाडे, सुधाकर पाठेकर, डी.आर. गायकवाड, श्रीमती गीता गायकवाड, किशनलाल सेंद्रे, दिलीप पाल, नंदपवन देशमुख, श्रीमती अनीता ढोमने, श्रीमती संगीता शिवहरे, ओम शिवहरे, किस्मतराव साबले, सिंधुबाई पांसे, प्रमिला सेंद्रे, प्रीति बाथरे सहित बड़ी संख्या में साधक भाई-बहन उपस्थित रहे।




