स्वदेशी मेले में व्यंजन प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

मातृशक्ति ने परोसे स्वदेशी स्वाद, अतिथियों ने बढ़ाया मेले का मान
सांस्कृतिक आयोजन में गोंडी गीत गायको ने दी धमाकेदार प्रस्तुति प्रस्तुति
बैतूल। स्वदेशी जागरण मंच द्वारा पुलिस परेड ग्राउंड बैतूल में आयोजित स्वदेशी मेला प्रतिदिन उत्साह के साथ संचालित हो रहा है। प्रतिदिन अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन से मेला स्थल पूरे जिले में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और बड़ी संख्या में जिलेवासी मेले में पहुंचकर स्वदेशी अभियान के समर्थन में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं।
मंगलवार 9 दिसंबर को मेले में प्रतिदिन की तरह सबसे पहले दोपहर में मातृशक्ति द्वारा स्वदेशी व्यंजन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सभी मातृशक्ति सदस्यों ने स्वदेशी सामग्री से विविध पारंपरिक व्यंजन तैयार किए। व्यंजनों का परीक्षण प्रतियोगिता प्रभारी श्रीमती श्रद्धा खंडेलवाल ने किया। साथ में संगठन मंत्री हेमंत रावत, जिला संयोजक नीलेश गिरी गोस्वामी, मेला प्रभारी श्रीमती हेमलता कुंभारे और मेला संयोजक ने भी व्यंजनों का परीक्षण किया। निर्णायकों द्वारा प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए तथा स्वदेशी मंच द्वारा सम्मान किया गया।
शाम होते ही मेले में अतिथियों का आगमन हुआ। स्वदेशी मेले में डॉक्टर आनंद मालवीय, राजीव खंडेलवाल, समाजसेवी दिनेश मस्की, पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विस्तारक प्रचारक तथा वर्तमान स्वदेशी जागरण मंच प्रांत टोली सदस्य हरेंद्र सिंह, डॉ.विनय चौहान सहित सभी विशिष्ट अतिथि उपस्थित हुए। अतिथियों ने सर्वप्रथम श्री राम जी की पूजा और आरती की।
इसके बाद मेला प्रभारी श्रीमती हेमलता कुंभारे ने सभी उपस्थितजनों को स्वदेशी संकल्प की शपथ दिलवाई। अतिथियों ने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग, स्थानीय उत्पादों के संरक्षण और आत्मनिर्भरता पर प्रेरक उद्बोधन दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ, जिसमें सभी कलाकारों को मंच पर सम्मानित किया गया। मेले में गोंडी गीतों की विशेष प्रस्तुति हुई, जिसमें गायिका ममता उइके और शिवम इरपाचे ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति से वातावरण को भावपूर्ण और उत्साहपूर्ण बना दिया।
मेले में मुख्य रूप से मेला संगठन मंत्री हेमंत रावत, मेला प्रभारी श्रीमती हेमलता कुंभारे, जिला संयोजक निलेश गिरी गोस्वामी, मेला संयोजक श्रीमती ममता मालवीय, मेला सह संयोजक उज्जवल प्रताप सिंह ठाकुर, धर्मेंद्र परिहार, राहुल कावले और मेला टोली के सभी प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे और पूरे आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय रहे।




