Story of Shiva Mahapuran: शिवपुराण में भगवान शिव का सर्वस्व समाहित: देवी चंद्रमुखी

वीर कुंवर सिंह नगर में भक्तिभाव से हो रही शिव महापुराण की कथा

बैतूल। पाथाखेड़ा के वीर कुंवर सिंह नगर वार्ड क्रमांक 16 में आयोजित संगीत मय श्री शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन, 2 जनवरी को मथुरा वृंदावन से आई देवी चंद्रमुखी ने भक्तों को शिवमहिमा का अद्भुत दर्शन कराया। उन्होंने बताया कि शिवपुराण का प्रथम वर्णन स्वयं भगवान शिव ने किया था। इस पवित्र ग्रंथ में चौबीस हजार श्लोक हैं, जिन्हें सुनने से मनुष्य का जीवन धन्य हो जाता है।

देवी चंद्रमुखी ने कहा कि शिवपुराण में भगवान शिव का सर्वस्व समाहित है। यह ग्रंथ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि अगर पापी व्यक्ति भी इस कथा को सुन ले तो उसका भी मोक्ष संभव है। उन्होंने भक्तों को प्रेरित किया कि धर्म के कार्यों में योगदान दें और कहा, “कर्म प्रधान विश्व रची राखा, जो जसि करही तसी फल चाखा।”

भक्तों ने भावभक्ति से कथा का श्रवण किया। देवी चंद्रमुखी ने यह भी कहा कि भगवान का भजन क्षणभर के लिए ही सही, लेकिन हर व्यक्ति को करना चाहिए। कथा के दौरान समिति के सदस्यों ने देवी चंद्रमुखी को चुनरी भेंट कर उनका सम्मान किया। इस कार्यक्रम में ब्रजकिशोर पवार, खुशीलाल पवार, सुभाष पवार, महेंद्र पवार, राजा पवार, सतीश खंडाग्रे, छोटू वर्मा समेत सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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