Scam: लिहदा जलाशय में जमीन अधिग्रहण के नाम पर हुआ मुआवजा घोटाला
कलेक्टर के सामने खुली भ्रष्टाचार की पोल, 2 गुना तक दिलाया मुआवजा, सरकार को पहुंचाया करीब 32 लाख का नुकसान

Scam: बैतूल। मुलताई तहसील के अंतर्गत लिहदा जलाशय प्रभावित गांवों में मुआवजे को लेकर भारी गड़बड़ी सामने आई है। इस क्षेत्र के तत्कालीन पटवारी ने शासन को मुआवजे के नाम पर राजस्व कर्मचारियों के साथ मिलकर लाखों की चपत लगाई है। बटानको एवं मूल खसरे की जमीन के नाम पर 2 गुना मुआवजा राशि दिलाकर तत्कालीन पटवारी ने सरकार को करीब 32 लाख का नुकसान पहुंचाया। इस मामले में सारे नियमों को दरकिनार कर मुआवजा राशि तय कर दी गई।
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इस मामले की शिकायत मंगलवार को जामगांव निवासी आवेदक कृष्णराव पिता रघुजी धोटे ने जनसुनवाई में पहुंच कर कलेक्टर से की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 36/1 के बटानको एवं मूल खसरे को दोहरा मुआवज पारित करने एवं 36/2 में स्थित वृक्षों के असली हकदार को शासन द्वारा उचित मुआवजा नही दिया गया बल्कि बटानको एवं मूल खसरे की जमीन के नाम पर करीब 32 लाख का 2 गुना मुआवजा दे दिया गया है नियम अनुसार मूल खरे को मुआवजा दिया गया तो बटानको को नहीं दिया जाना था लेकिन पटवारी की मिली भगत से इस भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया।
आवेदक कृष्णराव ने कलेक्टर से की शिकायत में बताया कि उनके खसरा नंबर 36/2 रकबा 0.242 हे. में आम के 13 वृक्ष एवं बेर के 7 वृक्ष मौजूद है जो गलत सर्वे करके खसरा नंबर 36/1 के स्वामियों को मिला है। इस तरह जल संसाधन के सर्वेयर एवं भू- राजस्व के पटवारी द्वारा गलत जानकारीया देकर शासन की राशि का नुकसान किया है। इस मामले की शिकायत उन्होंने सीएम हेल्पलाइन से भी की थी लेकिन आज दिनांक तक शिकायत का निराकरण नहीं किया गया है। आवेदक ने उच्च स्तरीय जांच कर खसरा नंबर 36/2 में स्थित वृक्षों का मुआवजा आवेदक को दिलाने सहित सर्वेयर एवं पटवारी के विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।




