नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए 60 पंप चालकों को दिया प्रशिक्षण।
टंकी, पाइपलाइन और मोटर पंप की नियमित निगरानी के निर्देश। जल गुणवत्ता जांच और साफ-सफाई को बताया अनिवार्य । जल संरक्षण और जलकर वसूली बढ़ाने पर भी हुई चर्चा।

बैतूल। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल जीवन मिशन द्वारा संचालित नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन और संधारण को लेकर गुरुवार 9 अप्रैल को विकासखंड बैतूल में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय खंड बैतूल के निर्देशन और जनपद पंचायत बैतूल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समन्वय में आयोजित इस प्रशिक्षण में 60 ग्रामों के पंप चालकों को योजना के विभिन्न अवयवों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में ट्यूबवेल मोटर पंप, उच्च स्तरीय टंकी, सम्पवेल, पाइपलाइन, पंप हाउस, वाल्व चैंबर, घरेलू नल कनेक्शन और विद्युत कनेक्शन के रखरखाव, सुधार और प्रबंधन पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। दैनिक, मासिक, छह माह और वार्षिक आधार पर मोटर संचालन के घंटे, जल आपूर्ति की अवधि, विद्युत खपत और पाइपलाइन में लीकेज या टूटफूट जैसी जानकारियों का रिकॉर्ड रखने और आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए।
संधारण के तहत टंकी, सम्पवेल और वाल्व चैंबर की नियमित सफाई कर तिथि दर्ज करने, लीकेज सुधारने और जल स्रोतों व योजना परिसर की साफ-सफाई बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। गुणवत्ता युक्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए साल में कम से कम दो बार प्रयोगशाला में पानी की जांच कराने तथा पंचायत स्तर पर फील्ड टेस्टिंग किट से प्रतिमाह जल नमूनों की जांच कराने की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में जल अपव्यय रोकने, जल संरक्षण कर स्रोतों के रिचार्ज की विधियों और अधिकतम जलकर वसूली के उपायों पर भी चर्चा की गई। प्रशिक्षण जिला समन्वयक भूपेंद्र सिंह मेनवे, उपयंत्री रामेश्वर लोखंडे और विकासखंड समन्वयक संदीप सिरसाम द्वारा दिया गया।




