Water Crisis : श्री नरहरि साहब… काश आप अपने विभाग की नाकामी भी देख पाते
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव पी नरहरि को विभाग के अफसरों ने जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन की उजली तस्वीर दिखाई

Water Crisis : बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों में किस कदर गड़बड़ी की गई है इसके दर्जनों मामले मीडिया की सुर्खियां बन रहे हैं। गर्मी प्रारंभ होते ही बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान कर रहे हैं। इस सबके बावजूद भी शुक्रवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव पी.नरहरि जब बैतूल पहुंचे तो अधिकारियों ने उन्हें जल जीवन मिशन की उजली तस्वीर दिखाई। अफसरों के द्वारा तय किए गए गांवों में साहब पहुंचे और नल चालू करने से लेकर ग्रामीणों से चर्चा करने तक की कवायद की।

जिले के उन गांवों में जहां पीने का पानी झिरिया, कई किमी दूर के कुएं या खेतों के नलकपों से लाने के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है वहां के लोगों का कहना है कि साहब इतनी दूर आए ही थे तो अपने विभाग की उस स्याह तस्वीर को भी देख लेते जो जिले के अफसरों ने आपसे छिपाई है। साहब दामजीपुरा ग्राम पंचायत को ही ले लें। नल जल योजना का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया।

मीडिया में जब गांव के लोगों की झिरिया का पानी लेने की तस्वीरें सामने आईं और मतदान न करने का ऐलान हो गया तो आनन-फानन में पीएचई के वही अधिकारी जो अब तक चुप्पी साधे बैठे थे वे पहुंचे और पानी का प्रबंध करने में जुट गए। यह हाल कोई एक गांव का नही है, हर दिन एक नहीं बल्कि कई गांवों की पानी के लिए जूझते लोगों की तस्वीर और चुनाव बहिष्कार की तस्वीरें सामने आ रही हैं।

जिले के लोगों का मानना है कि अक्सर कहा जाता है कि हांडी से चांवल का एक दाना ही देखकर अनुमान लगा लिया जाता है कि वह अधपका है या पक चुका है। शायद विभाग के प्रमुख सचिव को इसका कुछ अहसास हुआ है या नहीं यह तो आने वाले दिनों में ही सामने आएगा जब पानी के लिए संघर्ष करने की स्थिति बैतूल जिले के किसी गांव में नही रहेगी।
साहब के दौरे का हो रहा प्रचार:
शासकीय जानकारी में बताया गया है कि शुक्रवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव पी.नरहरि ने बैतूल जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल योजनाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रीष्मकाल में पेयजल के चल रहे कार्यों को मौके पर जाकर देखा।
उन्होंने कहा कि ग्रीष्म काल को देखते हुए पेयजल आपूर्ति के सभी आवश्यक प्रबंध किए गए है। मैदानी अमले को पाइप लाइन के छोटे-छोटे लीकेज एवं पुराने पाइप लाइन को बदलने की कार्रवाई के निर्देश दिए।

श्री नरहरि ने ग्रीष्मकाल में जमीनी अमले को पेयजल आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा सूखे एवं खराब हैण्डपंप को तुरंत दुरूस्त करें। कुएं बावडिय़ों की साफ-सफाई कर आमजन को पीने योग्य पानी उपलब्ध कराएं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि पानी की व्यर्थ बर्बादी को रोके। पेयजल की बचत पेयजल का सबसे बड़ा स्त्रोत है। पेयजल आपूर्ति निर्वाध बनी रहे इसके लिए जरूरी है कि जल कर जमा करें।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सचिव श्री नरहरि ने बैतूल जिले के ग्राम सलिमेट, अर्जुन गोदी एवं राठीपुर का निरीक्षण किया। इस अवसर पर अधीक्षक यंत्री, कार्यपालन यंत्री, जल विभाग के मुख्य महाप्रबंधक एवं प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।




