Brokers are active in all the stations: बरजोरपुर सब स्टेशन में दलाल सक्रिय, फल फूल रहा गोरखधंधा
मेलाराम यादव के खिलाफ कंपनी की दलाली कर अवैध वसूली के आरोप, कृषकों ने खोला मोर्चा

बैतूल। विद्युत मंडल शाहपुर क्षेत्र के ग्राम मोरनढाना बल्लौर में बिजली ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर दलाल सक्रिय है। बरजोरपुर सब स्टेशन में वर्षों से चल रही दलाली के आरोपों ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दलाल मेलाराम यादव स्थानीय लाईनमैनों के साथ मिलकर किसानों और आम जनता से अवैध वसूली कर रहा हैं। भाजपा शासनकाल में यह धंधा फल-फूल रहा है, और बिजली कंपनी तमाशबीन बनी हुई है। ग्रामीणों के पास इसके पुख्ता सबूत मौजूद हैं, जिनसे साबित होता है कि विद्युत कंपनी की मिलीभगत से आम जनता को लूटने का काम खुलेआम हो रहा है। जनता ने इस गोरखधंधे पर रोक लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने क्षेत्रीय जनपद सदस्य के नेतृत्व में सबस्टेशन बरजोरपुर पहुंचकर जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने विधायक गंगा सज्जनसिंग उइके को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीण सुरेश, ईश्वर, संदीप, छोटू कलमे, विनोद, दिलीप, दिनेश, मनोज, आशाराम, गरबसिंह और संतोष अखंडे ने बताया कि पिछले 15 दिनों से मोरनढाना चौक और कृषक रघुवर के खेत में लगे ट्रांसफार्मर जलकर खराब हो चुके हैं। इन ट्रांसफार्मरों को बदलने के नाम पर बिजली कंपनी के कर्मचारी मेलाराम यादव और जितेंद्र काजले ने किसानों से 300-300 रुपये की वसूली की है।
इसके साथ ही ग्रामीण इंदल यादव ने विद्युत मंडल शाहपुर के जेई को ज्ञापन सौंपकर मेलाराम यादव पर 12 हजार रुपये की अवैध वसूली का आरोप लगाया। इंदल यादव ने बताया कि वह तहसील शाहपुर अंतर्गत बरजोरपुर का निवासी है। अपने खेत पर स्थाई कनेक्शन के लिए भोलाराम यादव ने लगभग चार वर्ष पहले 12 हजार रुपये लिए थे। आज तक न तो वहां केबल लगाई गई और न ही पैसे वापस किए गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि मेलाराम यादव किसानों से इसी तरह अवैध वसूली करता आ रहा है और विद्युत कंपनी उसे संरक्षण दे रही है। किसानों ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने के कारण खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है।ग्रामीणों ने विधायक गंगा सज्जनसिंग उइके से मांग की है कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और किसानों को न्याय दिलाया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।




