Ahilya bai :21 जनवरी को होगा देवी अहिल्याबाई के जीवन पर आधारित महानाट्य का भव्य मंचन
300वें जन्म वर्ष पर विशेष आयोजन, 51 शहरों और 15 जिलों में हो रहा आयोजन

बैतूल। राष्ट्र समर्था देवी अहिल्याबाई होल्कर की पुण्य गाथा पर आधारित महानाट्य राष्ट्र समर्था देवी अहिल्याबाई की पुण्य गाथा का मंचन 21 जनवरी को बैतूल में किया जाएगा। अखिल भारतीय महिला जनसंगठन विश्वमांगल्य सभा, एम3एम फाउंडेशन, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में इस भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं।
पुण्यश्लोका देवी अहिल्याबाई के 300वें जन्म वर्ष पर देशभर के 51 शहरों और मध्य प्रदेश के 15 जिलों में इस महानाट्य का मंचन किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्घाटन 17 दिसंबर को काशी के नमो घाट से हुआ और समापन समारोह अहिल्याबाई की कर्मभूमि महेश्वर में किया जाएगा।
मध्य प्रदेश में ऐसा रहेगा मंचन का क्रम
मध्य प्रदेश में इस महानाट्य का प्रथम मंचन 6 जनवरी को सम्राट चौक, सीधी में किया गया। इसके बाद 7 जनवरी को पॉलिटेक्निक ग्राउंड, शहडोल, 8 जनवरी को शहीद स्मारक गोल बाजार मैदान, जबलपुर और 9 जनवरी को पीजी कॉलेज परिसर, गुना में हुआ। अगली प्रस्तुति 13 जनवरी को रामलीला मंच, सुभाष गंज, अशोकनगर और 29 जनवरी को श्री कालका माता मंदिर गरबा ग्राउंड, रतलाम में होगी।
– बैतूल में 21 जनवरी को होगा भव्य मंचन
बैतूल में महानाट्य का मंचन 21 जनवरी को शाम 5:30 बजे से शिवाजी ओपन ऑडिटोरियम में किया जाएगा। इस महानाट्य का आलेखन डॉ. वृशाली जोशी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री विश्वमांगल्य सभा द्वारा किया गया है, जबकि निर्देशन सुबोध सुरजीकर नागपुर द्वारा किया गया है। विश्वमांगल्य सभा इस आयोजन के माध्यम से देवी अहिल्याबाई होल्कर को मानवंदना दे रही है। बैतूल के सभी नागरिकों से इस अद्भुत और प्रेरणादायक प्रस्तुति में सादर आमंत्रित किया गया है। देवी अहिल्याबाई के जीवन और उनके प्रेरणादायक कार्यों को प्रस्तुत करने वाला यह महानाट्य समाज के लिए आदर्श और प्रेरणा का स्रोत बनेगा।




