Betul news: नगर की सड़कें गुणवत्ता से बनी होती तो स्व.गोकुल प्रसाद वैद्य हकीमजी को सच्ची श्रद्धांजलि हाेती

हेमन्त चन्द्र दुबे (बबलू)

हेमन्त चन्द्र दुबे (बबलू)

बैतूल। नगर के यशस्वी नगर पालिका अध्यक्ष गोकुल प्रसाद वैद्य उर्फ हकीम जी के नाम से मशहूर सीमेंट की सड़क का नाम रखते हुए उसे बनाया जा रहा है।

सीमेंट रोड का निर्माण कार्य गोकुल प्रसाद वैद्य के कार्यकाल में नगर पालिका परिषद बैतूल द्वारा कराया गया था। तब किस ईमानदारी नैतिकता से उस समय हमारे पूर्वजों ने वह सड़क बनाई होगी कि उसमें लगी गिट्टी घिस गई पर उखड़ी नहीं, उस समय के सभी नेताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों और निर्माण करने वाले की नैतिकता ईमानदारी का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। आज नगर में लाखों, करोड़ों की सड़कें बनाई जा रहीं हैं, उनकी दुर्दशा किसी से छुपी नहीं हैं। सच पूछा जाए तो आज स्व.गोकुल प्रसाद जी वैद्य जी के नाम से सड़क का नाम रखे जाने का नैतिक अधिकार आज के नेताओं को कदापि नहीं हैं, जिन नेताओं के पदों पर रहते हुए बैतूल की सड़कों की यह दुर्दशा हो रही है, आज किस गुणवत्ता से बन रही है एक छोर से बनते हुए दूसरे छोर तक नही पहुंच पाती है, तब तक पहले छोर से सड़क गायब हो जाती है। आज सड़कों मे गड्ढे नही है बल्कि सड़क ही नहीं है। किसी की कोई जवाबदेही नही, किसी प्रकार की कोई आवाज नहीं। क्या यह निर्माण कार्य में की गई अनियमितता भी गंभीर कैंसर नही ? जिसके लिए जबावदेही तय होकर दर्द से भरी कीमो से उपचार आवश्यक नहीं ? आज गोकुल प्रसादजी को सच्ची श्रद्धांजलि वह होती जब नगर की सड़कें हकीम जी के जमाने की नैतिकता और ईमानदारी से निर्मित की गई होती, अन्यथा नाम रखकर केवल उनकी आत्मा को दुःख ही पहुंचाना है, क्योंकि हकीमजी की ईमानदारी और नैतिकता के पथ पर हम चलने मे नाकाम रहे है। जिस पर चलते हुए उन्होंने सीमेंट रोड का निर्माण करवाया था, जिसके लिए किसी सबूत की जरूरत नहीं है और आज सड़कों की जो दुर्दशा है उसकी कहानी सड़कें स्वयं बयां कर रही है, किसी सबूत बहस की जरूरत नहीं है।

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