Murder Mistry: रहस्य बनी आदिवासी महिला की मौत, पुलिस की जांच पर उठ रहे सवाल
परिजनों का आरोप मकान विवाद बना हत्या का कारण, एसपी से की शिकायत

बैतूल। लगभग 12 दिनों पहले एक आदिवासी महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत रहस्य बनकर रह गई है। इस मामले में महिला के परिजनों ने चिचोली पुलिस पर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं करने का आरोप लगाया है। मामला, चिचोली थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम कान्हेगांव का है। दरअसल, महिला का शव पुलिस द्वारा कुएं से बरामद किया गया था। वहीं परिजनों के मुताबिक महिला की हत्या कर शव को कुएं में फेंका गया। घटना स्थल पर मिले साक्ष्य के आधार पर परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं
शिकायतकर्ता राधेलाल पिता मंगल आहके उम्र 50 वर्ष ने हत्या के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग को लेकर सोमवार जिला मुख्यालय पर पहुंचकर पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मकान निर्माण को लेकर लगभग 10 दिन पहले महिला का विवाद अनावेदक उदेशा पिता मन्नू धुर्वे उम्र 55 वर्ष फुलेसिंह पिता धरमदास निवासी कान्हेगांव के साथ हुआ था। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि मकान का यह विवाद ही हत्या का कारण बना है। पुलिस अधीक्षक को सौंपे आवेदन में आवेदक राधेलाल ने बताया कि 3 अप्रैल को महिला का अनावेदक से विवाद हुआ था। इसके बाद 6 अप्रैल को ग्राम के मौजी उइके के कुएं में संदिग्ध स्थिति में महिला का शव मिला था।
–– शव पर मौजूद थे धारदार हथियार की चोट के निशान-

प्रत्यक्षदर्शी सुक्कू पिता मंगल, अमर सिंह पिता भोला सिंह के अनुसार महिला के शव पर धारदार हथियार से चोट के निशान थे। इसके अलावा कुएं के बाहर टूटी हुई चूड़ियां खून से सनी हुई मिट्टी के अलावा संघर्ष करने के साक्ष्य भी नजर आए थे। वहीं महिला की पैर पट्टी भी कुएं के बाहर मिली थी। इन सभी साक्ष्यों को चिचोली पुलिस ने जप्त किया था।परिजनों का आरोप है कि चिचोली पुलिस ने हत्या के मामले में बयान लेकर अनावेदकों को छोड़ दिया है। किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।पुलिस जांच के समय ग्रामीणों द्वारा बनाया गया वीडियो पुलिस द्वारा डिलीट करवा दिया गया। आवेदक ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर मृतक महिला को न्याय दिलाने की मांग की है।




