disabled person deprived of salary: 10 साल से वेतन के लिए दर-दर भटक रहा विकलांग, बैतूल मीडिया सेंटर में हुआ शोषण

बैतूल। बैतूल के मीडिया सेंटर से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक विकलांग व्यक्ति, रामचरण पिता ठेपल्या अतुलकर लगभग एक वर्ष तक सेवा देने के बाद भी वेतन से वंचित है। यह मामला 2015 से लंबित है, और रामचरण आज भी न्याय की आस में दर-दर भटक रहा है।
पत्रकार मुश्ताक हुसैन रिजवी ने बताया कि बैतूल मीडिया सेंटर पूर्व सांसद असलम शेरखान के समय प्रस्तावित किया गया था और बाद में पूर्व सांसद विजयकुमार खंडेलवाल ने इसके लिए निधि जारी की थी। रामचरण को वहां चौकीदारी के लिए नियुक्त किया गया, लेकिन लगभग एक साल तक सेवा देने के बावजूद उसे वेतन नहीं मिला।
रामचरण ने बताया कि उसने 2015 में पत्रकारों के कहने पर नौकरी शुरू की थी। उसे मीडिया सेंटर से तहसील कार्यालय में सफाई कार्य के लिए भी ले जाया गया, लेकिन कहीं भी उसे वेतन नहीं दिया गया। जब उसने जनसुनवाई में शिकायत की, तब भी कोई समाधान नहीं निकला।
इस मामले में कुछ पत्रकारों ने रामचरण का समर्थन करते हुए एसडीएम कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई। साथ ही, उसकी मदद के लिए 10 हजार रुपये एसडीएम कोर्ट में जमा किए गए थे। लेकिन वह भी संबंधित अनावेदक द्वारा ले लिया गया, और गरीब विकलांग व्यक्ति आज भी उस राशि से वंचित है।
जिला श्रम पदाधिकारी कार्यालय ने इस मामले में वेतन भुगतान अधिनियम, 1936 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया कि शिकायतकर्ता रामचरण ने मीडिया सेंटर में एक वर्ष तक सेवा दी थी, लेकिन उसे वेतन नहीं मिला। श्रम विभाग ने संबंधित पक्षों को 8 दिसंबर 2015 को दोपहर 12:30 बजे कार्यालय में उपस्थित होकर मामले का समाधान करने का निर्देश दिया था। अनुपस्थिति की स्थिति में यह मामला श्रम न्यायालय में दायर करने की चेतावनी दी गई थी।




