संत श्री आशारामजी बापू की शीघ्र रिहाई की उठी मांग
श्री योग वेदांत सेवा समिति के सैकड़ों साधकों ने निकाली न्याय यात्रा

बैतूल। श्री योग वेदांत सेवा समिति, महिला उत्थान मंडल और युवा सेवा संघ बैतूल के संयुक्त तत्वावधान में निर्दोष संत श्री आशारामजी बापू को उनकी इच्छा अनुसार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने एवं शीघ्र रिहाई को लेकर कलेक्टर बैतूल को ज्ञापन सौंपा। इस संबंध में श्री योग वेदांत सेवा समिति के संरक्षक राजेश मदान ने बताया कि झूठे आरोपों के तहत 86 वर्षीय संत श्री आशारामजी बापू को जोधपुर कारागार में रखा गया है। उनके स्वास्थ्य की स्थिति अत्यंत नाजुक है।
आशारामजी बापू विगत माह में जोधपुर के एम्स अस्पताल में कार्डियक आईसीयू में भर्ती रहे। एम्स की रिपोर्ट के अनुसार उनके हृदय में 3 गम्भीर ब्लॉकेज हैं । बापूजी को लगातार रक्तस्राव हो रहा है, जिसकी वजह से उनके हीमोग्लोबिन का स्तर लगातार गिरता जा रहा है । उनकी गम्भीर शारीरिक स्थिति को देखते हुए हाल ही में पैरोल की अर्जी लगायी गयी थी जिसे रद्द कर दिया गया। आशारामजी बापू ने अपना सारा जीवन सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और राष्ट्रोत्थान में लगा दिया। उनके लोकहितकारी सेवाकार्यों द्वारा करोड़ों लोग लाभान्वित हुए। फिर भी उनके स्वास्थ्य की अत्यंत गम्भीर स्थिति में भी उन्हें अनुकूल, उत्तम और त्वरित इलाज के लिए किसी प्रकार की राहत नहीं मिली है। 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कैदी को खराब स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत देने में उदारता बरती जानी चाहिए। घोटाले, हत्या, बम ब्लास्ट जैसे जघन्य केसों के आरोपियों, दोषियों को भी जब राहत दी जाती है तो निर्दोष संत आशारामजी बापू को उनकी इच्छा के अनुरूप उचित इलाज कराने से क्यों वंचित रखा जा रहा है ? यह उनके मानवाधिकारों व संवैधानिक अधिकारों का हनन है । जिससे उनके देश-विदेश के करोड़ों साधक शिष्य अत्यंत व्यथित हैं।
श्री योग वेदान्त सेवा समिति, साधक परिवार, नारी संगठन एवं कई हिन्दू संगठनों के द्वारा यह मांग की गई कि पूज्य बापूजी को उनकी इच्छानुसार यथोच्छित स्थान पर यथानुकूल चिकित्सा-पद्धति द्वारा उपचार हेतु शीघ्र राहत दी जानी चाहिए व उनके मानवाधिकारों की रक्षा व वृद्धावस्था को देखते हुए उनकी तत्काल शीघ्र ससम्मान रिहाई हेतु योग्य स्तर पर उचित कार्यवाही की जाए।




