अमृत 2.0 और रेनवाटर हार्वेस्टिंग की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने लगाई फटकार, कई सीएमओ को नोटिस।
आमला में शून्य प्रगति पर वेतन काटने के निर्देश।

बैतूल। जिले में शहरी निकायों के विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान धीमी प्रगति पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण नवनीत पाण्डेय से मिली जानकारी के अनुसार 01 अप्रैल को कलेक्टर की अध्यक्षता में जिले की समस्त नगर निकायों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
समीक्षा के दौरान अमृत 2.0 योजना और रेनवाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की धीमी प्रगति को लेकर कलेक्टर ने भारी असंतोष व्यक्त किया। नगर पालिका बैतूल को निर्देश दिए गए कि अमृत 2.0 अंतर्गत कार्य पूर्ण होने के बाद ठेकेदार को 7 दिवस के भीतर कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया जाए। वहीं कार्य में विलंब को लेकर आमला, चिचोली, मुलताई और घोड़ाडोंगरी के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए।
इसके बाद जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए नगर पालिका परिषद आमला की शून्य प्रगति पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और उपयंत्री का 7 दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए। साथ ही परियोजना अधिकारी नवनीत पाण्डेय को निर्देशित किया गया कि वे प्रतिदिन सभी योजनाओं की प्रगति की जानकारी कलेक्टर महोदय को उपलब्ध कराएं।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0, स्वनिधि योजना, गीता भवन निर्माण तथा राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई। ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए पेयजल संकट से निपटने के लिए सभी निकायों को कठोर निर्देश दिए गए ताकि आम जनता को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। वहीं आवारा पशुओं के प्रबंधन के लिए सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को एनिमल बर्थ केयर सेंटर स्थापित करने के भी निर्देश जारी किए गए।




