ग्रैंडपेरेंट्स डे पर 1980 के दशक की धुनों पर झूमे दादा-दादी, बच्चों संग साझा किए यादगार पल

माइंड्स आई इंटरनेशनल स्कूल में हुआ ग्रैंडपेरेंट्स डे का भावुक आयोजन


बैतूल। माइंड्स आई इंटरनेशनल स्कूल, विनोबा नगर में श्री अग्रसेन महाराज ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट के तत्वावधान में 25 दिसंबर को ग्रैंडपेरेंट्स डे का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन के माध्यम से विद्यालय ने भारतीय संस्कृति, पारिवारिक संस्कार और बुजुर्गों के सम्मान का सशक्त संदेश समाज के सामने प्रस्तुत किया। विद्यालय पिछले छह वर्षों से ग्रैंडपेरेंट्स डे को परंपरा और प्यार द गोल्डन एरा ऑफ द 1980s थीम के साथ मनाता आ रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्याम सोनी, कुंदन लाल राठौर, नंदकिशोर साहू, श्री अग्रसेन महाराज ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन के डायरेक्टर अनिल राठौर, डॉ ओपी राठौर एवं डॉक्टर रिशांक राठौर के सानिध्य में हुआ। गणेश वंदना और सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई।
– 1980 के दशक की यादों में डूबा मंच
जय जय शिव शंकर, मेरा जूता है जापानी, आशियाना, सारा जमाना, मैं परियों की शहजादी, कठपुतली नाच और कव्वाली जैसे 1980 के दशक के लोकप्रिय गीतों पर विद्यालय के नर्सरी से लेकर दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिसने दर्शकों को बीते दौर की यादों में लौटा दिया।
– दादी-नानी की प्रस्तुति बनी आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब बच्चों की दादियों और नानियों ने स्वयं मंच पर प्रस्तुति दी। नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ दादी-दादी और नाना-नानी की सामूहिक परफॉर्मेंस से पूरा प्रांगण तालियों की गूंज से भर उठा।
– भावुक कर गया गीत और संदेश
मुझे इस दुनिया में लाया, मुझे बोलना चलना सिखाया गीत की प्रस्तुति ने उपस्थित सभी दादा-दादी, नाना-नानी और अभिभावकों की आंखें नम कर दीं। इस भावनात्मक क्षण ने पीढ़ियों के बीच के गहरे रिश्ते को और मजबूत किया।
– अतिथियों ने दिए प्रेरक उद्बोधन
डॉ ओपी राठौर जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि जहां संस्कार, सम्मान और परंपराओं का सामंजस्य होता है और जहां बुजुर्गों का साया रहता है, वहां बच्चों में संस्कार स्वतः ही विकसित होते हैं। वहीं डॉ रिशांक राठोर जी ने परिवार में रिश्तों के महत्व और बच्चों के जीवन में बुजुर्गों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
– 400 से अधिक ग्रैंडपेरेंट्स की रही मौजूदगी
ग्रैंडपेरेंट्स डे सेलिब्रेशन में माइंड्स आई इंटरनेशनल स्कूल में 400 से अधिक दादा-दादी, नाना-नानी, बच्चों के अभिभावक एवं शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर बच्चों द्वारा स्वयं सजाकर तैयार किए गए पौधे ग्रैंडपेरेंट्स को धन्यवाद स्वरूप भेंट किए गए, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

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