पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में मनाई अंबेडकर जयंती ।

संविधान विषय पर हुई सारगर्भित चर्चा। पूर्व प्राध्यापक डॉ सुखदेव डोंगरे सहित कई गणमान्य रहे उपस्थित। छात्रों ने बढ़-चढ़कर लिया कार्यक्रम में हिस्सा। आयोजकों ने एकजुटता और जागरूकता का दिया संदेश।

बैतूल। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्र संगठन जिला शाखा बैतूल के तत्वावधान में भारत के संविधान निर्माता, भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती पोस्ट मैट्रिक छात्रावास बैतूल गंज में मंगलवार सुबह 9 बजे मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर संविधान विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने भारतीय संविधान की महत्ता, सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों पर विस्तृत प्रकाश डाला। पूर्व प्राध्यापक डॉ सुखदेव डोंगरे ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब का जीवन संघर्ष और शिक्षा का महत्व आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

पूर्व शिक्षिका श्रीमती डोंगरे ने अपने विचार रखते हुए कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर ने महिलाओं को समानता का अधिकार दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और उनके प्रयासों से ही आज महिलाओं को शिक्षा, अधिकार और सम्मान का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

अधिवक्ता प्रो. शंकर सातनकर ने संविधान की मूल भावना को समझने और उसके पालन की आवश्यकता पर जोर दिया। आयोजकों रोहित बारस्कर, विकास नागले एवं सुखराम गाठे ने कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों और छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से युवाओं में जागरूकता बढ़ती है और समाज में समरसता का संदेश प्रसारित होता है।

कार्यक्रम में छात्रावास अधीक्षक पवन फाटे, महेंद्र सिंह उइके, देवेंद्र नागले एवं शिक्षक लीलाधर नागले की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी वक्ताओं ने बाबा साहब के विचारों को समाज में लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में छात्रावास अधीक्षक श्री रघुवंशी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए सफल आयोजन के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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