30 मार्च को जंतर-मंतर पर हुंकार भरेंगे कोल पेंशनर, 50 सदस्य दिल्ली जाएंगे
1998 से लंबित मांगों पर नहीं हुई चर्चा, कोल पेंशनरों में गहरी नाराजगी

बैतूल। कोल माइन सेवा निर्मित कर्मचारी संघ एचएमएस की मासिक बैठक गुरुवार को संपन्न हुई, जिसमें लंबित मांगों, हड़ताल और आगामी आंदोलन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि 30 मार्च को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विशाल धरना-प्रदर्शन में जिले से लगभग 50 सदस्य शामिल होंगे।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1998 से लेकर 2026 तक कोल पेंशनरों की समस्याओं पर कोई ठोस चर्चा तक नहीं हुई है, जिससे पेंशनरों में गहरी नाराजगी है। पूरे देश में लगभग छह लाख कोल पेंशनर आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऑल इंडिया कोल पेंशनर्स एसोसिएशन के तत्वावधान में दिल्ली, बनारस, धनबाद, हैदराबाद, बिलासपुर, कोलकाता सहित देशभर के सहायक आयुक्त कार्यालयों पर कई बार धरना-प्रदर्शन कर भारत सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला।
संघ ने 12 फरवरी को चारों ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर प्रस्तावित हड़ताल का समर्थन भी किया है। बैठक में डीके साहू, डीआर झरबडे, अजय सिंह राजपूत, दिनेश कुमार शर्मा, शिवदयाल चौकीकर, माणिकराव कापसे, नागोराव वागद्रे, रामदास पंडाग्रे, रायमल वरवड़े, अजाबराव भूमरकर, मानक प्रसाद वायकर, विजय के वर्मा, नारायण मिश्रा, केएल चौधरी, मुन्नालाल पवार, किशोरीलाल पवार, सुरेश साहू, सीपी साहू, शिवप्रसाद मालवी, तुलसीराम मासोदकर सहित एचएमएस के सदस्य उपस्थित रहे।




