विवाह के बाद मां कर्मा के दर्शन की परंपरा शुरू करने का आह्वान।
समाज में नई पहल को मिल रहा समर्थन ।

बैतूल। विवाह संस्कार को सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने की दिशा में शुरू हुई नई पहल को समाज के युवाओं का समर्थन मिलने लगा है। मां कर्मा साहू समाज नगर समिति द्वारा वैशाली-वीरेन्द्र के विवाह अवसर पर नवदम्पति को मां कर्मा का छायाचित्र भेंट कर शुरू की गई पहल को आगे बढ़ाते हुए युवा विचारक हेमंत साहू ने विवाह उपरांत नवदम्पति द्वारा माँ कर्मा मंदिर पहुंचकर आशीर्वाद लेने की परंपरा विकसित करने का आह्वान किया है।
हेमंत साहू ने कहा कि मां कर्मा का आशीर्वाद नवदांपत्य जीवन के लिए शुभ और मंगलकारी होता है तथा इससे परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। उन्होंने घोड़ाडोंगरी, आमला, आठनेर, मुलताई, प्रभात पट्टन, भैंसदेही, शाहपुर सहित जिले के सभी विकासखंडों के तेली समाज के युवाओं से विवाह के बाद निकटतम मां कर्मा मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लेने की अपील की।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में बैतूल नगर, झल्लार, मासोद और घोड़ाडोंगरी में मां कर्मा जी के मंदिर स्थापित हैं, जबकि सारणी में मंदिर निर्माण कार्य प्रगति पर है। राय आमला के समीप ग्राम भगोड़ा में भी मंदिर निर्माण को लेकर सामाजिक बंधु प्रयासरत हैं। हेमंत साहू ने कहा कि समाज के वरिष्ठजन और युवा मिलकर उन क्षेत्रों में मंदिर समितियों का गठन करें, जहां तेली समाज की अच्छी संख्या है, ताकि मां कर्मा की आराधना की यह परंपरा समाज की नई पीढ़ी तक सशक्त रूप से पहुंच सके।




