Jaggery License : बगैर लाइसेंस लिए ही चलाए जा रहे गुड़ घाने, कलेक्टर के निर्देश पर जागा विभाग
-राजस्व एवं खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने गुड़ घानों का किया औचक निरीक्षण, लिए सैंपल

Betul News : मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में बड़े पैमाने पर गुड़ बनाने के घानों का संचालन बिना लाइसेंस के किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम की लापरवाही के कारण यह लंबे समय से हो रहा है। अब कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने इन घानों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद राजस्व एवं खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम सक्रिय हो गई है और गुड़ घानों का निरीक्षण किया जा रहा है।
शनिवार को बटामा में एक गुड़ घाने का निरीक्षण किया गया था और रविवार को दो स्थानों पर टीम ने औचक निरीक्षण किया। दोनों ही स्थानों पर खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के अंतर्गत लाइसेंस प्राप्त किए बिना ही गुड़ बनाने का काम किया जा रहा था। टीम को देखकर एक स्थान से गुड़ घाना संचालन करने वाला फरार हो गया जबकि एक स्थान पर सैंपल लेकर कार्रवाई की गई है। टीम के द्वारा दोनों ही गुड़ घानों को लाइसेंस प्राप्त होने तक बंद करा दिया गया है।
रविवार को टीम द्वारा एनएच-47 पर बडोरा स्थित यासीन गुड़ घाने से गुड का नमूना लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला मध्य प्रदेश भोपाल भेजा जा रहा है। साथ ही उक्त गुड़ घाने को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत अनुज्ञप्ति बन जाने तक बंद रखे जाने हेतु निर्देशित किया गया। इसके अलावा बटरफ्लाई स्क्वायर के अन्य घानो का भी राजस्व एवं खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गुड़ घाने के मालिक घाने को छोड़कर फरार पाया गया।
यहां पर खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के अंतर्गत लाइसेंस नहीं होने पर घाने को बंद करने के निर्देश दिए गए। यह कार्यवाही सोमवार को भी सतत् जारी रहेगी। टीम ने सभी गुड़ घाना संचालकों को निर्देशित किया है कि गुड़ में किसी भी प्रकार के रंग एवं केमिकल का उपयोग न करें। गुड़ का निर्माण खाद्य एवं औषधि प्रशासन से अनुज्ञप्ति प्राप्त करने के पश्चात ही करें। कार्यवाही के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप पाटिल, शशि भारतीय , मीना कुमारे एवं राजस्व निरीक्षक उमेश गीद उपस्थित रहे।


