Wcl news:डब्ल्यूसीएल के जीएम ने हीरापल्ला गांव में चौपाल लगाकर सुनी ग्रामीणों की समस्या
ग्रामीणों का आरोप- निर्धारित बाजार मूल्य नहीं दिया जा रहा भूमि का मुआवजा

बैतूल। जिले में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया सही रास्ते पर नहीं है। भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 (संक्षेप में भूमि अधिग्रहण कानून, 2013) को कमजोर कर रहे हैं। यह कानून सही दिशा में उठाया गया कदम माना गया था, लेकिन बैतूल में जिला प्रशासन द्वारा भूमि के बाजार मूल्य का मूल्यांकन एक समान नही रखने से मुआवज़ा न्यायिक हो चुका है।
गौरतलब घोड़ाडोंगरी क्षेत्र के ग्राम भोगईखापा में डब्ल्यूसीएल कंपनी द्वारा भू अर्जन प्रक्रिया की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें कंपनी द्वारा निर्धारित बाजार मूल्य से भूमि का मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। इस मामले में गुरुवार को डब्ल्यूसीएल के जीएम ने हीरापल्ला गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्या सुनी। कलेक्टर के नाम जीएम को सौंपे ज्ञापन में आदिवासी नेता हेमंत सरियाम ने बताया कि भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनरव्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 के तहत मुआवजा वृद्धि अधिनियम की धारा 26(1) उप धारा क ख के तहत ग्राम भोगईखापा के कृषकों की अर्जन भूमि का बाजार मूल्य कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 जिला बैतूल गाइडलाइन आईडी भोगईखापा सिंचित भूमि का बाजार मूल्य 2 लाख 92 हजार 800 है। ग्राम टिकारी एनएच तहसील बैतूल स्थित सिंचित एवं असंचित भूमि का बाजार मूल्य 2 करोड़ 20 लाख रुपए अंकित है। अधिनियम के तहत भोगईखापा की अर्जित की जाने वाली भूमि का बाजार मूल्य 2 करोड़ 20 लाख निर्धारित करने की मांग की गई। हेमंत सरियाम ने बताया बैतूल तहसील के टिकारी ग्राम की भूमि का बाजार मुल्य लगभग 2 करोड़ बीस लाख है तथा भोगईखापा की भूमि का बाजार मूल्य लगभग दो लाख 80 हजार रूपए है। जिला प्रशासन द्वारा भूमि के बाजार मूल्य का मूल्यांकन एक समान नही रखने से मुआवज़ा न्यायिक हो चुका है। भू- अर्जन अधिनियम-2013 की धारा 26 की उपधारा-क और ख के तहत जिला कलेक्ट को मुआवज़ा बढाने का अधिकार दिया गया। पूर्व कलेक्टर द्वारा रूचि नही लेने के कारण पीड़ित किसानों को हाईकोर्ट जाना पड़ा। वर्तमान कलेक्टर नियमानुसार मुआवजा बढाते है तो प्रत्येक किसानों को लगभग 60-70 लाख मुआवजे का तीन गुना बढ़ेगा। उक्त मुआवजे का तीन गुना बढ़कर लगभग एक करोड रू से अधिक मुआवज़ा दिया जाएगा। साथ ही डबल्यूसीएल कंपनी में स्थानीय किसानों की भागीदारी सुनिश्चित होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में मिश्रीलाल बारस्कर, सुखचंद नर्रे, दिनेश सलाम, दशरथ सलाम, सतीश सलाम, शांति चौहान, पप्पू बारस्कर, मंगलू सलाम, आदि ग्रामीणों




