Development work a victim of corruption:आठनेर के पुसली ग्राम में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा विकास कार्य
आधी अधूरी नाली का निर्माण कर पंचायत कर्मियों ने किया भ्रष्टाचार

बैतूल। जिले की ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार किस हद तक सिर चढ़कर बोल रहा है। यह अंदाजा लगा पाना किसी के बस की बात नहीं है, गांव में कैसे सरपंच और सचिव मिल कर आम जनता व शासन के खजाने को चूना लगा रहे। इसका उदाहरण आठनेर जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पुसली में देखा जा सकता है। जहां पर भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं लांघने पंचायत कर्मी तैनात है और इनके द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
गुरुवार को ग्राम पंचायत पुसली के ग्रामीण गोलू प्रसाद डढोरे ने जिला मुख्यालय पर पहुंचकर पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया है। कलेक्टर को प्रेषित शिकायत आवेदन में गोलू प्रसाद ने बताया कि ग्राम पुसली के वार्ड क्र.8 में स्वीकृत नाली 500 मीटर थी। पंचायत द्वारा आधी अधूरी नाली का निर्माण किया गया। उसमें भी गुणवत्ता का जरा भी ध्यान नहीं रखा गया। गुणवत्ता विहीन नाली का निर्माण कार्य कराया गया है जो सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन कर रह गई है। अधूरे निर्माण को पूर्ण करने के लिए पंचायत से बार-बार निवेदन किया फिर भी नाली का निर्माण नही कराया जा रहा है, नालियों का गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है, गंदगी के चलते बीमारियों का खतरा बना हुआ है। आधी अधूरी नाली निर्माण के चलते स्वीकृत राशि भ्रष्टचार की भेंट चढ़ चुकी है। ग्रामीणों ने बताया की नाली कागजों में बन कर तैयार हो चुकी है, अगर नाली निर्माण की जमीनी हकीकत पर नजर दौड़ाये तो इस निर्माण कार्य की असलियत कुछ और ही बयां कर रही है, जिसमें साफ देखा जा रहा है कि भ्रष्टाचारियों ने जनता व शासन प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि भ्रष्टाचारियों पर शीघ्र कार्रवाई की जाए अन्यथा ग्रामीण पंचायत में ताला लगा देंगे। शिकायत आवेदन में हस्ताक्षर करने वाले ग्रामीणों में हेमू सोलंकी, गुणवंत भूमरकर, वंदना डढोरे, पुष्पा पंढरी धोटे, रमेश पटेल सोलंकी, परसराम साहू, अर्जुन बारपेटे, प्रहलाद डढोरे, किशोरी सोलंकी, सुखदेव सोलंकी, गोलू प्रसाद डढोरे, आदि ग्रामीण शामिल है।




