Anjuman Islamia Committee:नवनियुक्त वक्फ कमेटी को चार्ज दिलाने पहुंची प्रशासन की टीम, दफ्तर का तोड़ा ताला
एसडीएम के आदेश के बाद तहसीलदार ने नई प्रबंध कमेटी को चार्ज देने के दिए थे निर्देश

बैतूल। मुस्लिम संस्था अंजुमन इस्लामिया कमेटी के पूर्व पदाधिकारियों के चार्ज देने से इनकार के बाद तहसीलदार ने मंगलवार को कमेटी के दफ्तर का ताला तोड़ने की कार्रवाई की। प्रशासन द्वारा नई कमेटी को चार्ज सौंप दिया गया है। पुरानी कमेटी द्वारा नई कमेटी को कार्यालयीन दस्तावेज नहीं सौंपने पर दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
गौरतलब है कि वक्फ बोर्ड ने पिछले 21 सितंबर 2023 को अंजुमन के अध्यक्ष आरिफ खान को हटाकर वसीम कुरैशी पाशु को तीन साल के लिए प्रबंध कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया था। इस मामले में वक्फ बोर्ड के सीईओ ने बैतूल एसडीएम को पत्र लिखकर सूचित किया था। पूर्व अध्यक्ष आरिफ खान कमेटी का चार्ज नई बनी कमेटी को नहीं सौंप रहे है। जबकि उनका कार्यकाल 24 सितंबर 2020 को ही समाप्त हो चुका था। इस मामले में एसडीएम को पिछले 22 दिसंबर को पत्र भेजकर नई कमेटी को चार्ज दिलवाने का आग्रह किया गया था। एसडीएम के आदेश के बाद तहसीलदार अतुल श्रीवास्तव ने पुरानी कमेटी के सदस्यों को अपने कार्यालय बुलाकर नई प्रबंध कमेटी को चार्ज देने के निर्देश दिए थे। तहसीलदार ने बताया कि पुरानी कमेटी के पदाधिकारियों ने निर्देश के बावजूद कमेटी कार्यालय की चाबी देने से इनकार कर दिया। जिसके बाद अमले ने जामा मस्जिद के पास अंजुमन इस्लाम के कार्यालय जाकर ताला तोड़कर चार्ज दिलाने की कार्रवाई की। हालांकि, कार्यालय में कोई सामग्री या दस्तावेज नहीं मिले। जिसकी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी। यह विवाद पिछले 4 महीने से जारी है। इस मामले में पुरानी कमेटी द्वारा दस्तावेज ना देने पर पूर्व अध्यक्ष आरिफ खान के खिलाफ वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 68 के तहत दण्डात्मक कार्रवाई की जा सकती है। वक्फ बोर्ड के सीईओ ने नई कमेटी के अध्यक्ष को यह कार्रवाई कराने के भी निर्देश दिए है।
— सम्पूर्ण चार्ज वसीम कुरैशी को देने के आदेश–
एसडीएम द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ताजूल मस्जिद परिसर भोपाल से प्राप्त निर्देशो के पालन में वक्फ अंजुमन इस्लाम बैतूल की प्रबंध कमेटी का गठन वैधानिक रूप से 03 साल के लिये किया जाने का लेख किया गया है, जिसका सम्पूर्ण चार्ज वसीम कुरैशी पिता करीम कुरैशी को दिलाया जाना है।




