Betul news: वार्षिकोत्सव में छात्राओं ने दी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति
कन्या शाला गंज में हुआ वार्षिक उत्सव का आयोजन

Betul news: बैतूल। शा.कन्या उ.मा.वि.बैतूल गंज बैतूल में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ वार्षिकोत्सव मनाया गया। वार्षिक उत्सव में मुख्य अथिति सेवानिवृत शिक्षक वारिज त्रिपाठी एवं विशेष अथिति के रूप में वरिष्ठ शिक्षिका अमिता शुक्ला तथा प्राचार्य ललित लाल लिल्होरे मुख्य रूप से उपस्थित थे।
शिक्षक महेश गुंजेले ने बताया कि विद्यालय में प्राचार्य ललित लाल लिल्होरे के मार्गदर्शन में वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अथिति सेवानिवृत शिक्षक वारिज त्रिपाठी ने कहा कि आज की ये छात्राएं प्रदेश के साथ-साथ देश का भी भविष्य हैं। आज मैं जिन प्रतिभाशाली चेहरों को पुरस्कार प्राप्त करते और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते देख रहा हूं वे आगे जाकर निश्चित रूप से कल हमारे देश के अच्छे नागरिक बनेंगे। वरिष्ठ शिक्षिका अमिता शुक्ला ने कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि आज जो प्रदर्शन छात्राओं द्वारा किये गये है वह यह कहने के लिए पर्याप्त है कि इनमें हमारे समाज के योग्य नागरिक बनने की क्षमता है।
प्राचार्य ललित लाल लिल्होरे ने कहा कि यह सिर्फ उत्सव का दिन नहीं है, यह चिंतन का दिन है। एक ऐसा दिन जब हम अपने छात्राओं की उपलब्धियों का जश्न मनाते है और पिछले वर्ष में हमने जो प्रगति की है उस पर विचार करते है। इस अवसर पर कक्षा 11 वीं की छात्राओं ने कक्षा 12 वीं की छात्राओं को बिदाई दी तथा अपने अनुभव, एकल नृत्य, सामुहिक नृत्य प्रस्तुत किए। वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा वंशिका, नैनश्री, प्रीति बिझांडे, अस्मिता वाघमारे, श्रुति डांगे, अपेक्षा गज्जलवार, शिखा प्रजापति, लक्ष्मी आरसे, वैष्णवी साहू, प्रगति डांगे, दिव्या बोखारे, मिनाक्षी पंवार, कशिश खड़िया को पुरस्कृत किया गया ।
राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में योग प्रदर्शन में प्रीति बेले, मयुरी विश्वकर्मा, आशिका बेले, फुटबाल में रिया ठाकरे, हाकी में शीतल मिश्रा, कराटे में विद्या साहु, क्रिकेट में प्रितिशा खड़से, अर्पिता कवड़े, मानसी तोमर, बालीवाल में अंजलि साहू, प्रांजल ठाकुर, वंशिका साहू, वंशिका बुआड़े आदि छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। वार्षिक उत्सव को सम्पन्न कराने में विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं तथा कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा। मंच संचालन वरिष्ठ शिक्षक वासुदेव काले द्वारा किया गया।




