Assembly Election : प्रकाशन सामग्री पर प्रिंट लाईन का स्पष्ट उल्लेख नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई होगी

Assembly Election News : बैतूल। विधानसभा निर्वाचन के दृष्टिगत सभी प्रकाशनों पर प्रिंट लाईन का उल्लेख आवश्यक रूप से करें। जिससे आदर्श आचार संहिता का किसी भी रूप में उल्लंघन नहीं हो। यह निर्देश अपर कलेक्टर बैतूल जय प्रकाश सैय्याम ने शनिवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में बैतूल के प्रिंटिग प्रेस, फ्लैक्स प्रिंटिंग तथा इलेक्ट्रानिक मीडिया के संचालकों के साथ चर्चा कर रहे थे। जिसमें प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को निर्वाचन पैम्फलेटों, पोस्टर आदि का मुद्रण एवं प्रकाशन के लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 क के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

मास्टर ट्रेनर विजयंत सिंह ठाकुर ने बताया कि धारा 127 (क) के प्रावधानों तथा आयोग के अनुदेशों के किसी भी प्रकार के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा और उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जो प्रिंटिंग प्रेस के लाइसेंस का निरस्तता के रूप में भी हो सकती है। किसी भी निर्वाचन पैम्फलेट या पोस्टर इत्यादि का काम शुरू करने से पहले मुद्रक निर्धारित अनुलग्नक-क में धारा 127 क (2) के अनुसरण में निर्धारित स्वरूप में प्रकाशक से घोषणा पत्र प्राप्त करेगा। यह घोषणा प्रकाशक द्वारा विधिवत रूप से हस्ताक्षरित तथा उसे व्यक्तिगत तौर पर जानने वाले दो व्यक्तियों द्वारा प्रमाणित होना चाहिए। जिला मजिस्ट्रेट को अग्रेषित करते समय यह मुद्रक द्वारा प्रमाणित की होनी चाहिए। मुद्रक, मुद्रित सामग्री के प्रकाशित होने के तीन दिनों के अंदर चार प्रतियों सहित प्रकाशक से प्राप्त घोषणा प्रस्तुत करेगा। प्रत्येक निर्वाचन पैम्फलेट, पोस्टर इत्यादि के संबंध में प्रत्येक दस्तावेज की प्रिंटिंग के तीन दिनों के अंदर उसके द्वारा मुद्रित किये गए हो, अलग-अलग जानकारी दी जाएगी।

पैड और फेक न्यूज की एमसीएमसी दल करेगा निगरानी

इसके लिए निर्वाचन कार्यालय में एमसीएमसी (मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनीटरिंग कमेटी) 24 घंटे निगरानी करेगी। इस प्रकार के प्रकाशनों के संज्ञान में आने पर इस पर होने वाले व्यय को उम्मीदवार के चुनावी व्यय में जोड़े जाने की अनुशंसा करेगी। इसी प्रकार अफवाहें अथवा भ्रामक समाचारों के प्रकाशन से आपकों बचना होंगा। आपका प्रयास होना चाहिए कि किसी भी रूप में ऐसा प्रकाशन, जिससे किसी धर्म, जाति अथवा सामाजिक द्वेष फैलता हो फेक न्यूज के आधार पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

निर्वाचन निर्देशों का हवाला देते हुए बताया गया कि ऐसा कोई भी प्रकाशन जो समाचार अथवा विज्ञापन स्वरूप में हो पैड न्यूज की परीधी में आएगा। बैठक में बताया गया कि निर्वाचन पैम्फलेटो, पोस्टरों, इत्यादि के मुद्रण पर उक्त प्रतिबंध, इन दस्तावेजों के प्रकाशका एवं मुद्रकों की पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से विधि द्वारा अधिरोपित किए गए हैं, ताकि यदि धर्म, वंश, जाति, समुदाय या भाषा या विरोधी के चरित्र हनन इत्यादि के आधार पर कोई ऐसे मामले या सामग्री शामिल हों, जो अवैध, आपराधिक या आपत्तिजनक हो तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक दण्डात्मक या निरोधक कार्रवाई की जा सके। साथ ही पोस्टरों इत्यादि के मुद्रण एवं प्रकाशन पर हुए अनधिकृत निर्वाचन व्ययों पर रोक लगाई जा सके।

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