खोखला विकास: जलमग्न सड़क पार करने बैलगाड़ी का किराया दे रहे ग्रामीण
बैलगाड़ी पर बाइक रखने के साथ सवार होकर सड़क के दूसरी ओर जा रहे ग्रामीण

BETUL NEWS : बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में भीमपुर क्षेत्र को कालापानी कहा जाता है। यह ऐसे ही नहीं कहा जाने लगा है बल्कि कालापानी जैसी यातना झेलने की तस्वीरें खुद बयां कर देती हैं। पिछले दिनों हुई तेज वर्षा के बाद भीमपुर विकासखंड के महतपुर जावरा में बनाया गया अमृत सरोवर लबालब हो गया है और अब उसके पानी से दो गांवों के बीच की सड़क जलमग्न हो गई है।हालत यह है कि गांव के लोग बैलगाड़ी में किराया देकर सड़क के एक ओर से दूसरी ओर आनाजाना करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
महतपुर जावरा में अमृत सरोवर जिस स्थान पर बनाया गया है वहां पर पानी की निकासी के लिए पर्याप्त इंतजाम ही नहीं किए गए। महतपुर और धावड़ा गांव के बीच की प्रधानमंत्री सड़क पर 10 से 15 फीट पानी करीब 40 मीटर लंबे क्षेत्र में भर गया है। इससे आवाजाही करना मुश्किल हो गया है। महतपुर से धावड़ा रैयत की मुख्य मार्ग से दूरी 3 किलोमीटर है। जबकि महतपुर की दूरी 5 किलोमीटर है। ऐसे में ग्रामीण तीन दिन से परेशानी का सामना कर रहे हैं।
जलमग्न सड़क के एक ओर से दूसरी ओर जाने के लिए गांव के ही कुछ लोगों ने बैलगाड़ी लाकर उसमें बाइक ही नहीं बल्कि लोगों को पार कराने का काम प्रारंभ कर दिया है। इसके बदले में दस से 20 रुपये तक लिए जा रहे हैं। जिन्हें आवश्यक काम से बाहर जाना है वे मजबूरी में जलमग्न सड़क के पार जाने के लिए बैलगाड़ी का किराया देने के लिए मजबूर हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि वर्षा का दौर थमने के 48 घंटे बाद भी प्रशासन ने इसकी चिंता तक करने की जहमत नहीं उठाई है।




