change of candidate : मुलताई सीट पर भाजपा से घाेषित उम्मीदवार का 35 गांव के लाेगाें ने जताया विराेध
नहर लाओ संघर्ष समिति ने भाजपा जिला अध्यक्ष के नाम ज्ञापन प्रेषित कर की उम्मीदवार बदलने की मांग

Betul News : बैतूल। भारतीय जनता पार्टी ने 39 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। बैतूल जिले की मुलताई विधानसभा सीट से चंद्रशेखर देशमुख के नाम की घोषणा होने पर अब इसका विराेध शुरू हाे गया है। प्रभातपट्टन तहसील के 35 गांव की नहर लाओ संघर्ष समिति ने चंद्रशेखर देशमुख के नाम का बहिष्कार किया है। भाजपा जिला अध्यक्ष को ज्ञापन प्रेषित कर उम्मीदवार बदलने की मांग की गई।
समिति ने बताया कि वे प्रत्याशी बदलने की मांग काे लेकर भाजपा पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियाें से मुलाकात करेंगे। उन्हाेंने कहा कि मुलताई विधानसभा के पूर्व विधायक चंद्रशेखर देशमुख ने पारसडोह जलाशय से प्रभातपट्टन ब्लॉक के 35 ग्रामों को सिंचाई के लिए पानी देने का वादा किया था, लेकिन गांव के किसानों काे पानी ना देकर बैतूल पानी भेज दिया। उनके साथ वादा खिलाफी की गई है। नहर लाओ संघर्ष समिति उनका विराेध करती है, वे पार्टी पदाधिकारियाें से मुलताई के प्रत्याशी काे बदलने का आव्हान करेंगे। हालाकि नहर लाओ संघर्ष समिति कांग्रेस के वर्तमान विधायक से भी खुश नहीं है। वे कांग्रेस के मुलतार्ई विधायक सुखदेव पांसे का भी विराेध कर रहे हैं। कुछ दिनाें पूर्व ही जलाशय का पानी दिए जाने की मांग काे लेकर रैली निकालकर तहसीलदार काे ज्ञापन भी साैंपा गया था।

गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे
भाजपा जिला अध्यक्ष को संबोधित ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि हम सभी किसान भाई जिसमें अधिकांश भारतीय जनता पार्टी के वोटर है और अंतिम पंक्ति के कार्यकर्ता है हम लोगों द्वारा सन 2013 में चंद्रशेखर देशमुख को मुलताई विधानसभा में 32000 वोटों से विजयश्री का ताज पहनाया गया था और इनके शासनकाल में हमारी मुलताई विधानसभा को पारसडोह रूपी डेम की सौगात मिली थी, जिससे क्षेत्र के अन्नदाता पूरे उत्साहित थे कि उनके सूखे खेतों को पानी मिलेगा किंतु डैम के पानी को 19785 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र में से 10000 हेक्टेयर कृषि भूमि बैतूल विधानसभा के किसानों को पानी दिया गया और मात्र 9785 हेक्टेयर पानी मुलताई किसानों को पानी दिया गया जिससे क्षेत्र के किसानों की भावना आहत हुई है इसके अलावा हमारे किसानों द्वारा कई बार ज्ञापन के माध्यम से शासन एवं प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया किंतु हमारे पूर्व विधायक जी के द्वारा हमारी कोई सहायता नहीं की गई।
ग्राम हेटी बोरगांव के 83 बाढ़ पीड़ित लोगों का भी इसके शासनकाल में विस्थापन नहीं कराया गया जो परिवार आज भी विस्थापन की चाह में शासन की तरफ आशा लगाए बैठे हैं। हम 35 गांव के किसान आपके माध्यम से प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष को यह सूचना पहुंचाना चाहते है कि ऐसे निष्क्रिय दगाबाज प्रत्याशी की टिकट हमारे विरोध करने पर भी नहीं बदली जाती है तो इसका गंभीर परिणाम मुलताई विधानसभा में पार्टी को भुगतना पड़ेगा।




