दुर्गम पहाड़ों की पैदल यात्रा कर लौटे नागद्वारी भक्त

कठिन साधना पूरी कर लौटे भक्तों का सेंदूरजना में हुआ भव्य स्वागत


बैतूल। नागद्वारी की दुर्गम पहाड़ी यात्रा और कठिन साधना पूरी कर लौटे भक्तों के सम्मान में विकासखंड प्रभात पट्टन की ग्राम पंचायत सेंदूरजना में मावदा (प्रसादी) कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े शामिल हुईं और उन्होंने नागद्वारी की यात्रा से लौटे भक्तों का शाल एवं श्रीफल से सम्मान कर उनका अभिनंदन किया।
इस अवसर पर उर्मिला गव्हाड़े ने कहा कि नागद्वारी की यात्रा कठिन साधना और तपस्या का भी प्रतीक है। भक्त बड़ी-बड़ी पहाड़ियों के बीच से होकर दुर्गम रास्तों पर पैदल यात्रा करते हैं। इसके बाद वे करीब सवा माह तक साधना करते हैं। इस दौरान भक्त अलग भोजन बनाकर ग्रहण करते हैं, आमजनों से अलग रहते हैं, ठंडे पानी से स्नान करते हैं और साधना के नियमों का कठोरता से पालन करते हैं। किसी अन्य व्यक्ति के स्पर्श होने पर भी दोबारा स्नान करने जैसी कठिन धार्मिक परंपराओं का पालन भक्तों द्वारा किया जाता है।
सवा माह की कठिन साधना पूरी करने के बाद सभी भक्त एक साथ मावदा (प्रसादी) कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इसमें गांव के लोगों के साथ ही परिचितों और रिश्तेदारों को आमंत्रित कर सामूहिक रूप से भोजन-प्रसादी कराई जाती है। सेंदूरजना में आयोजित इस कार्यक्रम में भक्तों के सम्मान के साथ धार्मिक परंपरा और सामाजिक समरसता का भी संदेश देखने को मिला।
कार्यक्रम में समाजसेवी रमेश गव्हाड़े सहित वरिष्ठ एवं सम्मानित ग्रामीणजन, बुजुर्ग महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने नागद्वारी की कठिन साधना पूरी कर लौटे भक्तों का स्वागत किया और उनकी आस्था एवं तपस्या की सराहना की।

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