ई-अटेंडेंस के खिलाफ कृषि विस्तार अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर शुरू किया प्रदेशव्यापी विरोध
11 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

बैतूल। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ई-अटेंडेंस ई-एचआरएमएस व्यवस्था के विरोध में मध्यप्रदेश के कृषि विस्तार अधिकारियों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। म.प्र. कृषि विस्तार अधिकारी संघ के आह्वान पर प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू हो गया है। बैतूल जिले के समस्त विकासखंडों में अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और सभी प्रकार के ऑनलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार शुरू कर दिया। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 10 अगस्त तक सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 11 अगस्त से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
मध्यप्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ जिला इकाई बैतूल के अध्यक्ष भूपेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि कृषि विस्तार अधिकारियों कार्य पूरी तरह फील्ड आधारित है। उन्हें सुबह 6 बजे से लेकर रात 11 बजे तक किसानों के बीच रहकर खेतों और गांवों में कृषि योजनाओं का क्रियान्वयन करना पड़ता है। अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में उनके लिए न तो स्थायी सरकारी कार्यालय उपलब्ध हैं और न ही आवश्यक मूलभूत सुविधाएं। ऐसे में मुख्यालय पर पहुंचकर ई-अटेंडेंस दर्ज करना व्यवहारिक और तकनीकी रूप से संभव नहीं है। अधिकारियों ने विशेष रूप से महिला कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि देर रात तक दूरस्थ क्षेत्रों में कार्य करने के दौरान असामाजिक तत्वों का खतरा बना रहता है।
संघ ने सरकार द्वारा दिए जा रहे मात्र 630 रुपये के साइकिल भत्ते को भी अव्यावहारिक बताया है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें हर महीने 40 से 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित 20 से 30 गांवों का नियमित भ्रमण करना पड़ता है, जबकि उपलब्ध संसाधन वास्तविक जरूरतों के अनुरूप नहीं हैं। उनका आरोप है कि पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना ई-एचआरएमएस व्यवस्था लागू करना कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव डालने जैसा है।
– चरणबद्ध आंदोलन की बनाई रणनीति
संघ ने आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा भी घोषित की है। 4 से 6 अगस्त तक अधिकारी काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे और एमपी किसान पोर्टल, उन्नति ऐप, फसल बीमा, सीएम हेल्पलाइन सहित सभी ऑनलाइन कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। हालांकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसे ध्यान में रखते हुए बीज एवं खाद वितरण जैसी आवश्यक सेवाओं को आंदोलन से अलग रखा गया है। इसके बाद 7 से 9 अगस्त तक विभागीय व्हाट्सएप समूहों का बहिष्कार किया जाएगा तथा उपस्थिति केवल ऑफलाइन दर्ज कर 10 अगस्त को उपसंचालक कार्यालय में जमा की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर ई-एचआरएमएस नहीं किसान हित पहले अभियान भी चलाया जाएगा।
– सरकार को अंतिम चेतावनी
म.प्र. कृषि विस्तार अधिकारी संघ के प्रांताध्यक्ष मोहन डामोर ने कहा कि संगठन तकनीक का विरोधी नहीं है, लेकिन बिना पर्याप्त बुनियादी ढांचे और व्यावहारिक व्यवस्था के ई-एचआरएमएस प्रणाली लागू करना कृषि विस्तार अधिकारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने बताया कि कृषि तकनीकी संविदा कर्मचारी संघ ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 10 अगस्त तक शासन की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिला तो 11 अगस्त से प्रदेश के सभी कृषि विस्तार अधिकारी अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर चले जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। आंदोलन के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन और ऑनलाइन डेटा फीडिंग का कार्य प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।




