हिडली में कांग्रेस की अंदरूनी जंग खुलकर आई सामने, औकात वाली बयानबाजी ने सुलगाई बगावत की आग

बैतूल। हिडली उप ब्लॉक कांग्रेस में अंदरूनी कलह अब खुली बगावत में बदलती नजर आ रही है। ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल आजाद पर संगठन में तानाशाही, गुटबाजी, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के अपमान और मनमानी नियुक्तियों के गंभीर आरोप लगाते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि एक बैठक को लेकर हुई चर्चा के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष ने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की औकात पर टिप्पणी की, जिसके बाद संगठन के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है।

अजय जितपुरे, प्रकाश कसरोदे और अन्य कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ब्लॉक अध्यक्ष बनने के बाद से गोपाल आजाद का रवैया लगातार एकतरफा और तानाशाहीपूर्ण रहा है। उनका कहना है कि संगठन में संवाद स्थापित करने के बजाय असहमति रखने वाले नेताओं को अपमानित किया जाता है और पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है।

विवाद उस समय और बढ़ गया जब नवनियुक्त ब्लॉक सचिव राम दिन हनोते ने संगठन में आपसी सामंजस्य के लिए बैठक कराने का सुझाव दिया। आरोप है कि इस दौरान गोपाल आजाद ने कहा कि अजय जितपुरे और प्रकाश कसरोदे की मेरे सामने बैठने की औकात नहीं है… मुझे तो सेठ ने अध्यक्ष बनाया है। इस कथित बयान के बाद संगठन के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आ गई।

अजय जितपुरे, प्रकाश कसरोदे और अन्य कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ब्लॉक अध्यक्ष लगातार कांग्रेस में गुटबाजी को बढ़ावा दे रहे हैं। उनका कहना है कि संगठन को एकजुट करने के बजाय उसे अलग-अलग खेमों में बांटने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान भी पार्टी हितों के विपरीत बयान दिए गए और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को नुकसान पहुंचाने जैसी बातें की गईं।

संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि वर्षों तक संगठन को मजबूत करने वाले पूर्व ब्लॉक अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को ग्राम पंचायत स्तर के पद देकर उनका अपमान किया गया। आदिवासी और कुनबी बहुल क्षेत्र बाकुड़ मंडलम में सामाजिक समीकरणों की अनदेखी करते हुए चहेते लोगों को जिम्मेदारियां दी गईं। वहीं आष्टी क्षेत्र की उपेक्षा करने और पांढुरना मंडलम के गांवों को बिना सहमति दूसरे मंडलम में शामिल करने के आरोप भी लगाए गए हैं।

युवा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्षों से आंदोलन, धरना-प्रदर्शन, पुतला दहन, घेराव और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को किनारे कर दिया गया है, जबकि संगठन में सक्रिय भूमिका नहीं निभाने वाले लोगों को महत्व दिया जा रहा है। आरोप यह भी है कि ब्लॉक अध्यक्ष ने अपने कार्यकाल में जनहित के किसी बड़े आंदोलन का नेतृत्व नहीं किया और स्थानीय समस्याओं को लेकर भी सक्रियता नहीं दिखाई।

हिडली कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि यदि संगठन में मनमानी और कार्यकर्ताओं का अपमान नहीं रुका तो मामला जिला नेतृत्व से लेकर प्रदेश कांग्रेस और कांग्रेस हाईकमान तक पहुंचाया जाएगा। अजय जितपुरे, प्रकाश कसरोदे, रघुनाथ धुर्वे सहित कई नेताओं ने ब्लॉक अध्यक्ष को हटाने की मांग करते हुए कहा है कि वे इस मुद्दे पर शिकायत दर्ज कराएंगे।

हालांकि, इन सभी आरोपों पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल आजाद का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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