पुरुषोत्तम मास में एक माह तक चला श्रीमद्भागवत महापुराण पारायण।

लीलादेव बाबा मंदिर में 12 स्कंधों के सार का हुआ वाचन।

बैतूल। अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के पावन अवसर पर श्री लीला देव बाबा मंदिर ट्रस्ट द्वारा 17 मई से 15 जून 2026 तक मंदिर परिसर में एक माह का श्रीमद्भागवत महापुराण पारायण, नित्य पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, कलश पूजन एवं भगवान श्रीकृष्ण के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। प्रथम दिवस मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, मातृशक्ति और युवाओं ने भाग लिया।

पूरे आयोजन के दौरान प्रतिदिन भगवान श्रीकृष्ण एवं श्रीहरि विष्णु का विधिवत पूजन, अभिषेक, आरती तथा श्रीमद्भागवत महापुराण का पारायण कराया गया। कथा एवं पारायण का संचालन पंडित नरेन्द्र दुबे के सान्निध्य में हुआ। उन्होंने भागवत महापुराण के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संदेशों का सरल और प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया, जिससे श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार के प्रति प्रेरणा मिली।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य पुरुषोत्तम मास में श्रीमद्भागवत महापुराण के संपूर्ण पाठ का श्रवण और पारायण कराना था। इस दौरान भागवत के 12 स्कंधों, 365 अध्यायों तथा लगभग 18 हजार श्लोकों के सार का विधिवत वाचन और व्याख्यान किया गया। प्रतिदिन करीब दो घंटे तक चलने वाले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में लगभग 20 यजमान परिवारों ने सहभागिता कर सामूहिक पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय योगदान दिया। श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्तियोग, कर्मयोग, धर्म स्थापना तथा मानव जीवन के आदर्श मूल्यों की जानकारी दी गई। साथ ही पुरुषोत्तम मास को आत्मचिंतन, जप, तप, दान और ईश्वर भक्ति का श्रेष्ठ अवसर बताया गया।

श्रीमद्भागवत महापुराण के द्वादश स्कंध का वाचन पूर्ण होने पर विशेष पूजन, महाआरती और प्रसाद वितरण किया गया। समापन अवसर पर सभी यजमान परिवारों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं का सम्मान कर उनका आभार व्यक्त किया गया। मंदिर ट्रस्ट ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी भक्तजनों का अभिनंदन किया। ट्रस्ट के अनुसार यह धार्मिक अनुष्ठान समाज में धर्म, संस्कृति, सद्भाव और सेवा की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।

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