विद्यार्थियों ने ली जल गंगा संवर्धन की शपथ।
आठनेर महाविद्यालय में जागरूकता कार्यशाला आयोजित । नदियों-तालाबों की स्वच्छता और पॉलिथीन मुक्त शहर पर हुआ मंथन।

आठनेर। जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से पंडित द्वारका दास विज्ञान महाविद्यालय आठनेर में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में 120 विद्यार्थियों ने सहभागिता करते हुए जल संरक्षण, पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
महाविद्यालय के संचालक आनंद राठौर के संरक्षण तथा प्रोफेसर चरण निरापुरे, प्रोफेसर शिवदयाल अमरूते और प्रोफेसर सत्येंद्र बोरबन की उपस्थिति में आयोजित कार्यशाला में जयवंती हाकसर महाविद्यालय बैतूल के पूर्व प्राध्यापक डॉ. सुखदेव डोंगरे और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर (बिहार) के सहायक प्राध्यापक डॉ. अमित सातनकर ने जल संरक्षण एवं संवर्धन विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।
डॉ. सुखदेव डोंगरे ने विद्यार्थियों और प्राध्यापकों को जल गंगा संवर्धन की शपथ दिलाते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को जून-जुलाई में पौधारोपण कर पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। डॉ. अमित सातनकर ने जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल ही जीवन है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के संबंध में भी अपने विचार व्यक्त किए।
प्रोफेसर चरण निरापुरे ने नदियों और तालाबों को स्वच्छ बनाए रखने की आवश्यकता बताई, जबकि प्रोफेसर सत्येंद्र बोरबन ने आठनेर को पॉलिथीन मुक्त बनाकर स्वच्छ शहर के रूप में विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर सत्येंद्र बोरबन ने किया तथा आभार प्रदर्शन प्रोफेसर शिवदयाल अमरूते ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रोफेसर कविता कापसे, प्रोफेसर भूपेंद्र बंजारे, प्रोफेसर पूजा अडलक, प्रोफेसर आयुषी, प्रोफेसर महेंद्र राठौर, प्रोफेसर घोरसे, प्रोफेसर बोहारा तथा छात्र-छात्राओं का सक्रिय सहयोग रहा।




