रामनगर क्षेत्र की 25 हजार आबादी के लिए एकमात्र सहारा बनी 150 वर्ष पुरानी पुलिया।
तीसरी रेलवे लाइन से मंडराया संकट, एकमात्र मार्ग बंद होने से रामनगर क्षेत्र का शहर से संपर्क टूटने का खतरा, रेलवे प्रशासन पर छल का आरोप। मोक्षधाम मार्ग की पुलिया बनी सबसे बड़ी चुनौती, वैकल्पिक मार्ग और पुल निर्माण की उठी मांग।

बैतूल। तीसरी रेलवे लाइन निर्माण के बीच रामनगर क्षेत्र में आवागमन को लेकर बड़ी समस्या सामने आ गई है। अटल सेना अटल मानव समस्या निवारण समिति के प्रांतीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौहान केंडू बाबा ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि तीसरी लाइन का कार्य प्रारंभ करने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और प्रभावित नागरिकों को विश्वास में नहीं लिया गया। उनका आरोप है कि वर्षों से उपयोग में आने वाला एक प्रमुख मार्ग अचानक बंद कर दिया गया, जिससे करीब 25 हजार की आबादी वाले क्षेत्र के सामने भविष्य का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
– जनप्रतिनिधियों को विश्वास में नहीं लेने का आरोप
राजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि तीसरी रेलवे लाइन का नक्शा और उससे प्रभावित होने वाले मार्गों की जानकारी पहले स्थानीय प्रशासन, जिला पंचायत, नगर पालिका, कलेक्टर, रेलवे बोर्ड के सदस्यों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ साझा की जानी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में रेलवे के महाप्रबंधक को भी पत्र लिखकर अवगत कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद पूर्व से उपयोग में आने वाला मार्ग बंद कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। उनका कहना है कि जयप्रकाश वार्ड, रामनगर, जाकिर हुसैन वार्ड, गर्ग कॉलोनी और हनुमान नगर सहित लगभग 25 हजार आबादी वाले क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
– एक तरफ नदी, दूसरी तरफ रेलवे लाइन
उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि एक ओर माचना नदी और दूसरी ओर रेलवे लाइन है। पहले लोगों के आवागमन के लिए कई रास्ते उपलब्ध थे, लेकिन अब अधिकांश मार्ग बंद हो चुके हैं और केवल मोक्षधाम के सामने स्थित एक पुरानी पुलिया के माध्यम से ही क्षेत्र तक पहुंचा जा सकता है। यह क्षेत्र वर्षों से अपेक्षित विकास से वंचित रहा है और स्थानीय लोग इसे व्यंग्यात्मक रूप से श्रीलंका के नाम से भी पुकारते हैं।
– 150 वर्ष पुरानी पुलिया पर बढ़ रहा दबाव
केंडू बाबा ने कहा कि मोक्षधाम के सामने स्थित पुलिया लगभग 100 से 150 वर्ष पुरानी है और वर्तमान में जर्जर अवस्था में है। इस पुलिया पर मरम्मत कार्य भी लंबे समय से नहीं हुआ है। बरसात के दौरान पुलिया के ऊपर पानी भर जाता है और अब पूरे क्षेत्र का यातायात इसी एक मार्ग पर निर्भर हो जाने से उस पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि पुलिया क्षतिग्रस्त हुई या किसी कारण से आवागमन बंद हुआ तो पूरे रामनगर क्षेत्र का शहर से संपर्क टूट सकता है।
– जनजीवन और आपात सेवाओं पर संकट की आशंका
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुलिया की स्थिति बिगड़ती है तो स्कूल बसें, गैस वितरण वाहन, बिजली विभाग की गाड़ियां, सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो जाएंगी। इतना ही नहीं, किसी आपात स्थिति में लोगों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो सकती है। उन्होंने कहा कि गंज स्थित मोक्षधाम में आधे शहर के अंतिम संस्कार होते हैं और इस मार्ग का महत्व केवल स्थानीय आबादी तक सीमित नहीं है। रोजगार, व्यापार और दैनिक जीवन भी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है।
– विधायक से जांच और वैकल्पिक मार्ग की मांग
अटल सेवा अटल मानव समस्या निवारण समिति के प्रांतीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौहान ने बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल से मांग की है कि तीसरी रेलवे लाइन परियोजना से जुड़े अधिकारियों की जांच कराई जाए। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने जनता और जनप्रतिनिधियों दोनों को जानकारी दिए बिना क्षेत्र के प्रमुख मार्ग को बंद कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने मांग की कि मोक्षधाम के सामने स्थित पुलिया का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण बिना आवागमन बाधित किए तत्काल कराया जाए।
– माचना नदी पर नए पुल की भी उठी मांग
राजेंद्र सिंह चौहान ने विधायक से यह भी मांग की कि गुफा मार्ग पर माचना नदी के ऊपर एक नई पुलिया का निर्माण कराया जाए, जो बैतूल बाजार रोड से जुड़े। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र को एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, भविष्य में आपात स्थिति से निपटना आसान होगा और 300 वर्ष से अधिक पुराने गुफा मंदिर तक पहुंच भी सुगम हो सकेगी। साथ ही स्टॉप डैम निर्माण से जलस्तर बढ़ने का भी लाभ क्षेत्र को मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य के संभावित संकट को देखते हुए वैकल्पिक मार्ग का निर्माण अब समय की आवश्यकता बन गया है।




