नीट-यूजी पेपर लीक मामले में भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन।

निष्पक्ष जांच और शिक्षा सुधार की मांग।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला शाखा बैतूल मध्य प्रदेश द्वारा आदरणीय कलेक्टर महोदय बैतूल के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

बैतूल। नीट-यूजी 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले को लेकर भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है।

मोर्चा के जिला प्रभारी सुष्मित पिपरदे ने बताया कि संगठन द्वारा देश के 625 जिलों में एक साथ विरोध दर्ज कराया जा रहा है। उनका आरोप है कि महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र से पोर्टेबल स्कैनर के जरिए प्रश्नपत्र स्कैन कर पीडीएफ के रूप में अवैध तरीके से प्रसारित किए गए। व्हाट्सएप और टेलीग्राम समूहों में प्रश्नपत्र साझा कर लाखों विद्यार्थियों के साथ अन्याय किया गया।

संगठन के अनुसार इस पूरे मामले से 22 लाख से अधिक परीक्षार्थी प्रभावित हुए हैं। विद्यार्थियों और अभिभावकों में भारी आक्रोश और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। मोर्चा ने दावा किया कि परीक्षा के तनाव के कारण कुछ आत्मघाती घटनाएं भी सामने आई हैं।

ज्ञापन में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, सीबीटी आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने, प्रश्नपत्र सुरक्षा के लिए स्वतंत्र संस्था गठित करने तथा परीक्षा केंद्रों पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने और प्रभावित विद्यार्थियों को मुआवजा देने की मांग भी की गई। संगठन ने शिक्षा व्यवस्था में समानता लाने के लिए वन नेशन, वन एजुकेशन और वन सिलेबस जैसी नीतियों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता बताई।

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