समर कैंप में बच्चों ने सीखी रोबोटिक्स, स्पोकन इंग्लिश, कराते और विज्ञान की रोचक गतिविधियां।
हनुमान चालीसा और भारतीय संस्कृति के मंत्रों के साथ संपन्न हुआ मानसरोवर द स्कूल का समर कैंप। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन से अगले वर्ष भी समर कैंप आयोजित करने की मांग की।

बैतूल। मानसरोवर द स्कूल में 4 मई से 16 मई तक आयोजित समर कैंप का शनिवार को उत्साह और सांस्कृतिक वातावरण के बीच समापन हुआ। समापन समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ से हुई, जहां विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एक स्वर में हनुमान चालीसा का वाचन कर आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया।
समर कैंप में बच्चों के लिए आर्ट एंड क्राफ्ट, स्पोर्ट्स, वाटर स्पोर्ट्स, नृत्य, संगीत, एडवेंचर गतिविधियां, रोबोटिक्स, विज्ञान के चमत्कार, कराते, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और स्पोकन इंग्लिश जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास की सीख दी गई।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्रीकांत अग्रवाल रहे। कार्यक्रम में विद्यालय के चेयरमेन डॉक्टर विनय चौहान, डायरेक्टर पंकज साबले, डॉक्टर पुष्पलता साबले, डायरेक्टर श्रीमती मनोरमा चौहान, हेमराज जसूजा, लीला सरले एवं प्राचार्य एस. वी. चंद्रशेखर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भारतीय संस्कृति और संस्कारों पर आधारित प्रस्तुतियां रहीं। छोटे-छोटे बच्चों ने प्रातः स्मरण, दीप मंत्र, भोजन मंत्र और शांति मंत्र का सुंदर वाचन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार, किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार, किसी के वास्ते हो तेरे दिल में प्यार, जीना इसी का नाम है…गीत के माध्यम से बच्चों ने जीवन मूल्यों और मानवता का संदेश दिया।
समारोह के अंत में अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के समर कैंप बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से आग्रह किया कि आने वाले वर्षों में भी इसी तरह का समर कैंप आयोजित किया जाए।




